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अदाणी फाउंडेशन के मार्गदर्शन में परसा के किसान सरगुजा साइट पर जैविक खेती के लिए आगे बढ़े

आम सभा, भोपाल : अदाणी फाउंडेशन के जैविक खेती केंद्रित जनजागरण से प्रभावित होकर, परसा ग्राम पंचायत ने गांव में 100 एकड़ की जमीन पर जैविक खेती करने का संकल्प लिया है, जिससे 100 से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा। इसके अंतर्गत जीराफूल एवं दूबराज जैसी धान की स्वदेशी किस्मों की जैविक खेती करने की योजना बनायी जा रही है। जैविक खेती की इस योजना में धान की एक अन्य किस्म गोरखनाथ की भी खेती की जायेगी।

धान की जैविक खेती के साथ-साथ आवश्यक वर्मीकल्चर और ऑर्गेनिक माइक्रोन्यूट्रीएंट्स का उत्पादन भी किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि मब्स- (एमयूबीएसएस) ने जैविक खाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए वर्मीकम्पोस्ट के व्यावसायिक उत्पादन की जिम्मेदारी ली है। आज से 3 महिलाओं को नियमित रोजगार देते हुए वर्मीकम्पोस्ट का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है, जो अगले वर्ष से वर्मीकम्पोस्ट का उत्पायदन 400 टन प्रति वर्ष हो जायेगा। इस उत्पादन इकाई से किसानों को स्थानीय स्तर पर खाद की आपूर्ति हो सकेगी और इसमें 15 से 25 ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा।

किसानों की बेहतरी के लिए परसा गांव में 8 किसान क्ल्ब सक्रिय हैं जिनके माध्यम से 100 किसान संगठित किये गये हैं और जल्द ही एक फॉर्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी का गठन किया जायेगा। इसके अलावा, परसा ग्राम पंचायत स्तर पर जैविक कीटनाशक का भी उत्पादन मब्स द्वारा किया जा रहा है। मब्स द्वारा किये गये उत्पादन की खरीदारी स्थानीय किसान और अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड करेगी।

परसा गांव में जैविक खेती करने के बारे में, परसा ग्राम पंचायत के संरपंच श्री झल्लूंराम ने बताया कि ‘‘रासायनिक खाद आधारित खेती करने की जगह अब हमने पूरे परसा गांव में जैविक खेती करने का निर्णय लिया है। इस खेती को सफल बनाते हुए अब छत्तीसगढ़ में परसा गांव की पहचान एक जैविक कृषि ग्राम के रूप में बनानी है।

इसी उद्देश्य के साथ हमें यह भी सुनिश्चिंत करना है कि परसा ग्राम के लोगों के भोजन की थाली में जो भी आटा, चावल, गेहूं, दाल या सब्जी रहे, उसका उत्पादन जैविक खेती से ही किया गया हो। किसानों को जैविक कृषि के लिए आवश्यक सहयोग अदाणी फाउंडेशन द्वारा दिया जा रहा है, जिसमें खास तौर पर तकनीकी मार्गदर्शन कृषि विज्ञान केंद्र, अम्बिकापुर और शासकीय राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय, अम्बिकापुर द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है।’’

झल्लूराम ने बताया कि ‘‘अदाणी फाउंडेशन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने गांव में किसानों के साथ बैठक करके जैविक खेती के महत्व और फायदों के बारे में बताया, जो हमारे लिए उपयोगी साबित हुआ है। इस वर्ष परसा गांव के किसान धान की जैविक खेती से शुरुआत कर रहे हैं। धान के बीज अदाणी फांउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है।’’

सिंचाई व्यवस्था के बारे में बताते हुए, परसा ग्राम के उप सरपंच शिव कुमार यादव ने कहा कि ‘‘अदाणी फाउंडेशन के मार्गदर्शन में अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के द्वारा गांव में पर्याप्ती सिंचाई की व्यवस्था की जा रही है। गांव में दो तालाब बनाये जा रहे हैं जिनमें वर्षा जल एकत्र किया जायेगा और इसके अलावा, अन्य स्रोतों से भी पानी लाकर इन तालाबों को भरा जायेगा, जिससे खेती के लिए पानी की कमी नहीं होगी और इस तरह से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।’’

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