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लोक निर्माण विभाग पन्ना की कार्यप्रणाली फिर बनी जनचर्चा

– ठेकेदारों की मनमानी, कही गुणवत्ता विहीन निर्माण, तो कही बिना कार्यआदेश के कार्य

आम सभा, बलराम व्यास, पन्ना। पन्ना जिले में लोकनिर्माण विभाग इन दिनों चर्चा में बना हुआ है।जहाँ एक ओर वर्षों से विभाग में कई उपयंत्री पन्ना जिले में ही जमे हुए हैं।तो वहीं इन लोगो के स्थानांतरण न करके इन्हें अतिरिक्त प्रभार दे दिए जा रहे जिसके चलते लोकनिर्माण विभाग की कार्यप्रणाली इन दिनों फिर चर्चा में आ गई है।
सकरिया से डिघोड़ा सड़क निर्माण में गुणवत्ता विहीन कार्य पन्ना जिले में केन्द्रीय सड़क निधि योजना अन्तर्गत 29 किलोमीटर लंबी और लगभग चालीस करोड़ की लागत वाली इस सड़क का निर्माण कार्य ठेकेदार रविशंकर जायसवाल जबलपुर के द्वारा कराया जा रहा है।

नवनिर्मित पुलियों निर्माण की स्थिति यह है कि उनकी फेसबॉल का कंक्रीट हाथ लगाने भर से झड़ रहा है। गत दिनों पत्रकारो की टीम द्वारा उक्त निर्माणाधीन कार्य का भ्रमण कर अवलोकन किया था। सड़क और पुलियों के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं देखने को मिलीं। अधिकांश पुलियों का निर्माण मापदंड अनुसार नहीं कराया गया। पुलियों में डाले गए कंक्रीट में रेत की जगह क्रेशर डस्ट का बड़ी मात्रा में उपयोग किया जा रहा है। भीषण गर्मी में पुलियों का निर्माण करने के बाद नियमित तौर पर अच्छी तरह से उनकी तराई नहीं की जा रही है।

बॉक्स कल्वर्ट में अच्छी क्वॉलिटी का सरिया निर्धारित मापदंड अनुसार नहीं डाला गया। पुलियों की फेसबॉल की नींव में कंक्रीट मटेरियल की जगह बड़े-बड़े पत्थर भरे हैं। आश्चर्य की बात है कि, लोक निर्माण संभाग पन्ना के जिम्मेदार तकनीकी अधिकारी इन सब धांधलियों पर आंखें मूंदकर बैठे हैं। ज्ञात हो कि पन्ना जिले मे रवी शंकर जयसवाल ठेकेदार द्वारा लगभग तीन सौ करोड के कार्य कराये जा रहें है। लेकिन जो कार्य पूर्व में हो चुके है वह अत्यन्त ही घटिया तथा गुणवत्ताहीन है उदाहरण के तौर पर पहाडीखेडा मार्ग जो लगभग 40 किलोमीटर अस्सी करोड की लागत से बनाया गया है वह भी लगातार चर्चाओं मे रहा है। इसके अलावा अजयगढ तहसील अन्तर्गत 45 किलोमीटर नहर पट्टी का निर्माण कार्य भी घटिया एवं गुणवत्ताहीन किया गया है, जिसको लेकर लगातार स्थानीय लोगो द्वारा शिकायते की गई थी। इसके बावजूद रवीशंकर जयसवाल कन्ट्रक्शन कंपनी के घटिया निर्माण कार्य को लेकर जिम्मेवार अधिकारीयो द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई है। बताया जाता है कि उक्त ठेकेदार को सत्ताधारी दल के बडे जन प्रतिनिधियों का संरक्षण प्राप्त है। इस लिए गुणवत्ताहीन कार्य ठेकेदार द्वारा लगातार कार्य कराये जा रहे है तथा शासकीय राशि मे बंदर बाट का खेल चल रहा है।

इनका कहना हैः
सकरिया-डिघौरा सड़क निर्माण में गड़बड़ी से जुड़े आपके पास जो भी साक्ष्य उपलब्ध हैं उनको मुख्य अभियंता सागर को भेज दें। अगर कोई आवेदन हो तो उसे भी आप उनको जाकर दे सकतें। क्योंकि निर्माण कार्य का जांच प्रतिवेदन मैं उन्हीं से मांगूंगा। मैं भी उन्हें फोटो-वीडियो भेजकर कार्य का निरीक्षण करने के लिए बोलता हूं।” -आरके मेहरा, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, भोपाल म.प्र.

कार्य करने का आदेश हुआ नही,फिर भी सड़क का हो ने लगा निर्माण

बिलखुरा ग्राम से मटली-पाठा की ओर लगभग पन्द्रह किलो मीटर की सडक बनाई जा रही है। जिसमे लगभग दस से पन्द्रह करोड की राशि खर्च होगी। ठेकेदार ने मनमाने ढंग से अमानक मटेरियल से पुलियो तथा अर्थ वर्क का कार्य लगभग तीन किलो मीटर मे कर दिया है। जबकि इस कार्य को करने का कोई कार्य आदेश विभाग द्वारा जारी नही किया गया। उक्त मामले की शिकायत स्थानीय लोगो ने कार्यपालन यंत्री बीके त्रिपाठी से की है,।

जिसके बाद संबंधित अधिकारी द्वारा ठेकेदार संतोष गुप्ता को फटकार लगाते हुए कार्य बंद करने के निर्देश तथा ग्रामीणो द्वारा दिये गये आवेदन की जांच कराने का भी आस्वासन दिया है। उक्त आवेदन मे उल्लेख किया गया है कि ठेकेदार द्वारा मनमानी से कार्य करवाया जा रहा है। सड़क के किनारे पर निर्मित पुराना तलाब खसरा कमांक-1211 तथा उसकी मेड़ (बधान) का खसरा नं० 13. जिनका रकवा क्रमशः ५२.४४०, तहसील पन्ना के पटवारी हल्का क्रमांक 28 बिलखुरा पर दर्ज है। उक्त सड़क तालाब के किनारे ना बनाकर तालाब की बंधान के उपर से ही बनायी जा रही है जिससे उसकी मेंड (बधान) को ठेकेदार द्वारा अपनी मन-मर्जी से खनन करके क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, तथा उस तलाब पर लगी हुई पत्थर की पिचिंग को भी नष्ट कर दिया गया है। और तालाब के दोनों ओर बधान के किनारे से ही रोड निमार्ण करने के लिये मिट्टी उठाकर के बंधान को नष्ट करने जैसा कार्य किया गया है। जिससे तालाब की दिवाले क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

इनका कहना हैः- संबंधित सडक निर्माण के संबंध मे ग्रामीणो द्वारा आवेदन दिया गया है बिना कार्य आदेश के ठेकेदार ने कार्य प्रारंभ किया है, मामले की जांच करायेगें तथा निर्माण कार्य बंद कर दिया गया है, संबंधितो पर कार्यवाही की जायेगी।
-बीके त्रिपाठी कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग पन्ना