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नोटबंदी पर बोले रजनीकांत- नियम का ठीक से नहीं हुआ पालन

रजनीकांत के भगवा चोला पहनने की अफवाहों के बीच ‘थलाइवा’ ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर कहा कि इसका ठीक से पालन नहीं किया गया. चेन्नई एयरपोर्ट के बाहर मीडिया से मुखातिब होने के दौरान रजनीकांत से जब नोटबंदी पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इसका पालन ठीक तरीके से नहीं किया गया. नोटबंदी अच्छी थी या गलत, इस पर उन्होंने खुलकर कुछ भी नहीं कहा.

बना चुके हैं फैन क्लब

इससे पहले रजनीकांत अपना फैन क्लब बना चुके हैं, जिसका नाम उन्होंने रजनी मक्कल मंद्रम रखा है. अब रजनीकांत के फैंस को उम्मीद है कि 12 दिसंबर को अपने जन्मदिन के मौके पर थलाइवा औपचारिक रूप से अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर देंगे.

काफी समय से लगाए जा रहे कयास

पिछले काफी वक्त से कयास लगाए जा रहे हैं कि रजनीकांत भगवा चोला ओढ़ सकते हैं. गाहे-बगाहे कई बार उन्होंने मोदी सरकार के कामों को सराहा है. रजनीकांत ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का पिछले कुछ सालों में कई बार खुलकर इजहार किया है.

मोदी से मुलाकात ने बटोरीं थीं सुर्खियां

पिछले साल पीएम मोदी से रजनीकांत की मुलाकात ने काफी सुर्खियां बटोरीं थीं. तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि रजनी बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. रजनीकांत प्रो-मोदी माने जाते हैं. उन्होंने कभी भी मोदी के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला. दयानंद सरस्वती जैसे आध्यात्मिक नेताओं ने कई साल पहले रजनीकांत से बीजेपी के साथ जुड़कर काम करने के लिए कहा था. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत तक से कई बार मुलाकात कर चुके हैं. लेकिन सुपरस्टार हमेशा बीजेपी को खुले तौर पर जाने-पहचाने जाने के साथ अपने राजनीतिक संबंध बनाने से कतराते रहे हैं.

पिछले साल किया था सियासी रण में उतरने का ऐलान

हालांकि राजनीति में आने के नाम पर रजनीकांत दो दशकों से हां-ना करते-करते पिछले साल सियासी रण में उतरने की घोषणा कर दी थी. तमिलनाडु की सियासत में रजनीकांत ने ऐसे समय में एंट्री की थी, जब जयललिता के निधन के बाद से राज्य की राजनीति में खालीपन है.

राजनीतिक दिशा अब तक तय नहीं

रजनीकांत अपनी राजनीति किस दिशा में ले जाएंगे, ये तो अभी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन बीजेपी को उम्मीद है कि रजनीकांत हटकर राजनीति करेंगे. तमिलनाडु की द्रविड़ सियासत में अलग रजनीकांत अध्यात्मिक राजनीति करेंगे, जो बीजेपी के भगवा राजनीति की तर्ज पर होगी. रजनीकांत आध्यात्मिक प्रकृति के इंसान हैं. द्रविड़ संस्कृति के बावजूद तमिलनाडु में आध्यात्मिकता की एक मजबूत ज़मीन रही है जिसे बीजेपी कभी दोहन नहीं कर पाई. ऐसे में माना जा रहा है कि रजनीकांत अपने पक्ष में इसे इस्तेमाल करके सियासी जमीन मजबूत कर सकते हैं.

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