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कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ ने आखिरकार पहना कुर्ता पायजामा, नामांकन में बदला पहनावा

छिंदवाड़ा:

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र और छिंदवाड़ा संसदीय सीट से कांग्रेस उम्मीदवार नकुलनाथ ने मंगलवार को नामांकन भरने से पहले अपना पहनावा बदला। उन्होंने जींस-शर्ट उतार फेंकी और कुर्ता-पाजामा पहन लिया। दरअसल कुछ महीने पहले अपनी उम्मीदवारी की चर्चा के बाद उन्होंने घोषणा की थी कि जिस दिन वह कुर्ता-पाजामा पहन लेंगे, समझ लीजिए उम्मीदवार बन गए हैं।

कमलनाथ के 17 दिसंबर, 2018 को मुख्यमंत्री बनने के बाद से इस बात के कयास थे कि छिंदवाड़ा संसदीय सीट से नकुलनाथ ही चुनाव लड़ेंगे। पूर्व विधायक दीपक सक्सेना ने तो मंच से नकुलनाथ की उम्मीदवारी तक घोषित कर दी थी। तब नकुलनाथ ने कहा था, ‘दीपक भाई और गंगा भाई ने प्रत्याशी के रूप में मेरा नाम घोषित कर दिया है। लेकिन जिस रोज मुझे जींस और शर्ट में नहीं देखना, कुर्ता-पाजामा में देखना उस दिन समझ लेना मैं आपका प्रत्याशी हूं।’

नकुलनाथ मंगलवार को अपने पिता मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ लगभग उन्हीं जैसे पहनावे यानी कुर्ता-पाजामा में और गले में कांग्रेस के झंडे के रंग और पंजे के प्रतीक वाला पट्टा डाले नजर आए। सोमवार रात तक नकुलनाथ जींस और शर्ट में ही रहे। मगर मंगलवार को नामांकन भरने से पहले उनका पहनावा बदल गया।

कमलनाथ नौ बार से छिंदवाड़ा संसदीय सीट से सांसद रहे हैं। उनका परिवार लगभग चार दशक से इस संसदीय क्षेत्र में सक्रिय है। अब कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपना क्षेत्र बेटे के सुपुर्द कर दिया है। उन्होंने कहा था, “मुझ पर प्रदेश की जिम्मेदारी है, छिंदवाड़ा की जिम्मेदारी अपने बेटे नकुलनाथ को दे रहा हूं। इनको पकड़कर रखिएगा, काम न करें तो इनके कपड़े फाड़िएगा।”

कांग्रेस ने चार अप्रैल को राज्य के 12 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, जिसमें छिंदवाड़ा से नकुलनाथ का नाम था। उन्होंने अपने क्षेत्र के लोगों से पहनावे में बदलाव का जो वादा किया था, वह चार अप्रैल को तो पूरा नहीं हुआ, मगर मंगलवार को नामांकन भरने से पहले उन्होंने पहनावे का अपना वादा पहले निभाया।

विभिन्न कंपनियों के संचालक मंडल के निदेशक और 21 जून, 1974 को जन्मे नकुलनाथ की स्कूली शिक्षा देहरादून के दून स्कूल में हुई है। उन्होंने बोस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की है। नकुलनाथ का यह पहला चुनाव है। हां वह बीते 20 सालों से छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में सक्रिय जरूर हैं।

महाकौशल की राजनीति के जानकार, विजय तिवारी का कहना है, ‘छिंदवाड़ा आदिवासी बाहुल्य इलाका है और पैंट-शर्ट वालों से वहां के लोग सहजता से नजदीकी नहीं बना पाते। नकुलनाथ अब तक कमलनाथ के पुत्र के तौर पर क्षेत्र में काम करते थे, अब उन्हें खुद को नेता के तौर पर काम करना है, मतदाताओं का दिल जीतना है। ऐसे में जरूरी था कि वह पिता की तरह कुर्ता-पाजामा अपना लें।’

वर्तमान दौर में युवा नेता कुर्ता-पाजामा के साथ जैकेट पहनते हैं, जो खास तौर से खादी या सूती न होकर लिल्लन की होती है। नेहरू जैकेट तो कांग्रेस के पुराने नेता पहनते हैं, मगर लिल्लन की जैकेट नए नेताओं की पसंद है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, नेकां नेता उमर अब्दुल्ला, भाजपा नेता राजीव प्रताप रूड़ी कुर्ता-पाजामा के साथ लिल्लन की जैकेट में नजर आते हैं।

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