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जेटली ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण किया

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सभी को विकास के पथ पर साथ लेकर चलने के विचार को प्रदर्शित करते भाषणों पर आधारित पुस्तक का शुक्रवार को वित्त मंत्री अरूण जेटली ने लोकार्पण किया। इस पुस्तक का शीर्षक ‘सबका साथ, सबका विकास’ है और पांच खंडों वाली इस पुस्तक का प्रकाशन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग ने किया है।

यह पुस्तक हिन्दी और अंग्रेजी दोनों संस्करणों में हैं । पुस्तक का लोकार्पण करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि किसी भी राजनीतिक नेता के लिये यह जरूरी है कि उसमें नये विषय सीखने की क्षमता होनी चाहिए । किसी भी नेता के भाषणों से विभिन्न विषयों पर उसकी पकड़ सामने आती है। मसलन राजनीतिक इतिहास, अर्थशास्त्र, विदेश नीति पर विचार, किसी देश के दूसरे देश के साथ संबंधों के बारे में राय, सामरिक विषयों पर विचार सामने आते हैं ।

जेटली ने कहा कि ऐसे में भाषा पर पकड़ और किसी विषय पर किस शब्द का प्रयोग करें, किन विषयों पर बोले और किन विषयों पर नहीं बोले… यह महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीतिक यात्रा इसका उदाहरण है । उनकी यात्रा तथ्यों पर पकड़ और लोगों से जुडऩे की सहज प्रकृति को दर्शाता है। ’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषणों के संकलन आज की पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी के लिये महत्वपूर्ण होगी ।

गौरतलब है कि पुस्तक के प्रत्येक खंड को पांच भागों में बांटा गया है जिसमें सुशासन, भारत को सक्षम बनाने, देश के वीरों की प्रशंसा, किसानों एवं मेधावी वैज्ञानिकों की सराहना करने के साथ सभी वर्गो को समावेशी विकास के मार्ग पर ले जाने तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उभरते भारत के संदेश के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचार हैं ।

इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर ने कहा कि 2014 में खेल और सेना से राजनीति में आने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में काम करने का मौका मिला और इस दौरान पाया कि हर विषय पर उनकी पकड़ काफी मजबूत है और दृष्टिकोण पूरी तरह से स्पष्ट है । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सरल भाषा में अपने विचार रखते हैं जिससे वे जनमानस से सहज ही जुड़ जाते है और यह लोगों पर गहरा प्रभाव डालता है। राठौर ने कहा कि प्रकाशन विभाग ने यह पुस्तक प्रकाशित करके इन विचारों को आने वाली पीढ़ी के सामने रखने का काम किया है ।

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