Monday , May 20 2024
ताज़ा खबर
होम / देश / BSNL को फिर से पटरी पर लाने के लिए सरकार ने बनाया नया प्लान!

BSNL को फिर से पटरी पर लाने के लिए सरकार ने बनाया नया प्लान!

BSNL पिछले कुछ वक्त से गंभीर संकट से जूझ रहा है. स्थिति ये है कि सरकारी टेलिकॉम ऑपरेटर के पास अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के पैसे नहीं हैं. उधर सरकार ने बुधवार को साफ किया है कि सरकारी टेलिकॉम कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करने का कोई प्लान नहीं है. सरकार इन्हें संकट से उबारने की व्यापक तैयारियां कर रही है. टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा को बताया है कि महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (MTNL) को बंद किए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है. अपने एक अलग जवाब में उन्होंने कहा, इसी तरह से BSNL के बंद किए जाने के लिए सरकार ने कोई प्रस्ताव नहीं रखा है.

सरकार बना रही है इन्हें संकट से उबारने की व्यापक योजना
रविशंकर प्रसाद ने यह भी बताया कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद और डेलॉइट बीएसएनएल और एमटीएनएल को उबारने/ उसके पुनर्गठन की योजना पर काम कर रहा है. उनके सुझावों और उनके बोर्ड के पास किए प्लान के हिसाब से BSNL और MTNL के लिए एक व्यापक प्लान को तैयार करने में जुटी है.

घाटे में चल रही टेलिकॉम कंपनियों ने अपनी आर्थिक तंगी की हालत में तुरंत मदद के लिए डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम से संपर्क किया था.

गिरा है MTNL का शेयर लेकिन BSNL का बढ़ा है
जो डाटा लोकसभा में शेयर किया गया है. उसके हिसाब से MTNL का मार्केट शेयर इसके काम करने वाले दो सर्किल में 2016-17 के 7.37% से घटकर 2018-19 में 6.95% पर पहुंच गया है. गलाकाट प्रतियोगिता के दौर में भी BSNL का मार्केट शेयर पूरे भारत में इसी समय में 9.63% से बढ़कर 10.72% हो गया है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘टेलिकॉम सेक्टर कॉम्पटीशन बहुत बढ़ जाने के चलते दबाव के दौर से गुजर रहा है. एयरटेल और वोडाफोन/आईडिया के औसत रेवेन्यू में भी कमी आई है.’

कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं में सेवा दे रहा है BSNL
उन्होंने यह भी कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी देने के लिए सरकार बीएसएनएल का ही प्रयोग कर रही है. उसके अलावा इसका प्रयोग अंडमान-निकोबार और लक्ष्यद्वीप में टेलिकॉम नेटवर्क को बेहतर करने में मदद कर रहे हैं. इसके अलावा ऑप्टिकल फाइबर पर आधारित रक्षा सेवाओं और भारतनेट प्रोजेक्ट में किया जा रहा इसका प्रयोग इसके कुछ अन्य प्रयोग हैं.

रविशंकर प्रसाद ने मानी कर्मचारियों को सैलरी देने में हुई देरी की बात
मंत्री ने कहा कि फंड्स की कमी के चलते MTNL में पिछले पांच-छह महीने में सैलरी देने में कुछ देर हुई है. उन्होंने बताया कि ऐसा रेवेन्यू के आने और पहले की देनदारियों में सही से मिलान न हो पाने के चलते ऐसा हुआ है. लेकिन अब कोई भी सैलरी का भुगतान बाकी नहीं है. BSNL के कर्मचारियों की सैलरी लगातार दी जा रही है. हालांकि फरवरी, 2019 में कर्मचारियों की सैलरी के भुगतान में कुछ देरी हुई थी.

MTNL और BSNL मिलाकर 1.85 लाख से ज्यादा कर्मचारी
आधिकारिक डेटा के अनुसार, 31 मार्च, 2019 तक बीएसएनएल में कुल 1,63,902 कर्मचारी काम कर रहे थे. इनमें से 46,597 एक्जीक्यूटिव क्लास के थे और 1,17,305 नॉन-एक्जीक्यूटिव क्लास के थे. वहीं MTNL के कर्मचारियों की संख्या 21,679 है. इनमें से 3,128 कर्मचारी एक्जीक्यूटिव जबकि 18,551 कर्मचारी नॉन-एक्जीक्यूटिव पदों पर थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)