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सुमित्रा महाजन को रास नहीं आया ट्रेन में मसाज शुरू करने का आइडिया

नई दिल्ली
रेलवे ने कुछ दिनों पहले ही इंदौर से चलने वाली 39 ट्रेनों में सिर और पैरों के लिए मसाज सर्विस शुरू करने का ऐलान किया था। अब पूर्व लोकसभा स्पीकर और बीजेपी सांसद सुमित्रा महाजन ने रेलवे की मसाज सर्विस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुमित्रा महाजन ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर कहा है कि महिला यात्रियों के सामने इस तरह की सर्विस ऑफर करना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। इससे पहले इंदौर से बीजेपी के नवनियुक्त एमपी शंकर लालवानी ने भी इस सर्विस को ‘स्तरहीन’ करार देते हुए सवाल उठाए थे। महाजन और लालवानी दोनों ने इस फैसले पर सवाल उठा दिए हैं।

पिछले हफ्ते मुंबई मिरर ने सबसे पहले यह जानकारी दी थी कि मसाज सर्विस तीन कैटिगरीज में उपलब्ध होगी- गोल्ड (100 रुपये, नॉन-स्टिकी ऑइल), डायमंड (200 रुपये, ऑइल वाइप्स) और प्लैटिनम (300 रुपये, आर्गन ऑइल, क्रीम और वाइप्स)। पश्चिम रेलवे के मुताबिक, इससे रेलवे 20 लाख रुपये का सालाना रेवेन्यू अर्जित करेगा। रतलाम रेलवे डिविजनल मैनेजर (डीआरएम) आरएन सुनकर ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि इस प्लान के तहत यात्रियों को फुल बॉडी मसाज की सुविधा नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘सिर्फ सिर और पैर मसाज की सुविधा ही मुहैया कराई जाएगी। यह सर्विस सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच ही मिलेगी।’

हालांकि, सुमित्रा महाजन ने पूछा है कि चलती ट्रेनों में ऐसी सर्विसेज मुहैया कराना, खासतौर पर महिलाओं के सामने कहां तक उचित है। लालवानी ने यह भी कहा था, ‘मेरी राय है कि रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को जरूरी मेडिकल सुविधाएं और डॉक्टर्स उपलब्ध कराए जाएं। इस तरह की स्तरहीन सर्विस का कोई मतलब नहीं है।’ उन्होंने कहा कि कुछ स्थानीय महिला संस्थान और सामाजिक संस्थाओं ने भी हाल ही में इस बारे में आपत्ति जताते हुए अपने विचार उनके सामने रखे थे।

बीजेपी नेता ने कहा, ‘लोगों का कहना है कि मसाज सर्विस टूरिस्ट जगहों पर जाने वाली ट्रेन में ऑफर की जा सकती है। लेकिन आम यात्री ट्रेनों में यह सुविधा देने के बारे में रेलवे अथॉरिटीज को दोबारा सोचना चाहिए।’

डीआरएम ने स्पष्ट किया, ‘इस सुविधा को शुरू करने से पहले हम हर पहलू को देखेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे इससे किसी तरह की असुविधा न हो और यात्री असहज महसूस न करें।’

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