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धूम्रपान करने वालों में कम होता है कोरोना वायरस का खतरा : फ्रेंच स्टडी

फ्रांस की आबादी में धूम्रपान करने वाले 35 प्रतिशत हैं, लेकिन कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों में इनकी हिस्सेदारी केवल 4.4 प्रतिशत है

नई दिल्ली : हॉपिटॉक्स डी पेरिस के भाग के तौर पर पिटी सेल्पेट्रायर में हुई एक फ्रेंच स्टडी में पाया गया है कि आम लोगों की तुलना में रोजाना धूम्रपान करने वालों में कोरोना वायरस से सामान्य या गंभीर रूप से संक्रमित होने की आशंका कम रहती है। यह अध्ययन पिटी सेल्पेट्रायर के मरीजों के समूह पर किया गया था। अध्ययन के अनुसार अस्पताल में भर्ती 350 मरीजों में से केवल 4.4 प्रतिशत लोग ही नियमित तौर पर धूम्रपान करने वाले थे और घर में रह रहे 130 मरीजों में से 5.3 प्रतिशत मरीज धूम्रपान करने वाले थे।

आश्चर्यजनक बात यह है कि फ्रांस की कुल आबादी में करीब 35 प्रतिशत लोग धूम्रपान करते हैं। पिछले महीने न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित शोध में भी इसी तरह की बात सामने आई थी। इसमें पाया गया था कि चीन में संक्रमित 1,000 लोगों में से 12.6 प्रतिशत लोग ही धूम्रपान करते थे। यह संख्या बहुत कम है क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, चीन की आबादी में 26 प्रतिशत लोग नियमित तौर पर धूम्रपान करते हैं।

सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस-2 (सार्स-कोव-2) के कारण फैली कोविड-19 महामारी लगातार बढ़ रही है, ऐसे में इसके खतरे को बढ़ाने वाले विभिन्न फैक्टर को पहचानना वैश्विक चुनौती बनी हुई है। अब तक इस महामारी के रिस्क फैक्टर के तौर पर धूम्रपान की भूमिका स्पष्ट नहीं है। शुरुआत में धूम्रपान को कोविड-19 के लिहाज से खतरनाक माना गया था, हालांकि यह तथ्य अभी विवादास्पद है। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में धूम्रपान करने वालों की संख्या 14 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत के बीच पाई गई है। हालांकि मध्यम आयु वर्ग के लोगों में धूम्रपान कर रहे लोगों में संक्रमण का मामला बहुत कम है। चीन में एक अध्ययन के मुताबिक, यहां आबादी के 26.6 प्रतिशत की तुलना में कोविड-19 मरीजों में धूम्रपान करने वालों की संख्या मात्र 6.5 प्रतिशत है। चीन से ही इस महामारी की शुरुआत हुई थी।

इसके साथ ही इन अध्ययनों में ज्यादातर अस्पताल में भर्ती मरीजों को शामिल किया गया था, और करेंट स्मोकर्स यानी मौजूदा समय में धूम्रपान कर रहे लोगों में संक्रमण के कम मामलों का संबंध कोमरबिडिटीज (ऐसे लोग जिन्हें धूम्रपान छोड़ने को कहा गया है) लोगों में संक्रमण के ज्यादा मामलों से हो सकता है और इससे कोविड-19 की गंभीरता बढ़ सकती है। हालांकि इस अध्ययन में लोगों को धूम्रपान शुरू करने की सलाह नहीं दी गई है, क्योंकि सिगरेट से सेहत पर कई गहरे दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।

हाल में अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल की ओर से किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि अमेरिका में धूम्रपान करने वालों का प्रतिशत 14 है, जबकि अस्पताल में भर्ती मरीजों में इनकी भागीदारी मात्र 1.3 प्रतिशत है। हालांकि, मिसिंग स्मोकिंग स्टेटस का स्तर बहुत ऊंचा है और आम आबादी से इसकी कोई तुलना नहीं की गई है।

फिलहाल अलग-अलग अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने पाया है कि अब तक धूम्रपान करने वाले बहुत कम लोग वायरस से संक्रमित हुए हैं, और अगर संक्रमित भी हैं तो उनमें संक्रमण के लक्षण आम लोगों की तुलना में कम गंभीर पाए गए हैं।

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