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जानें क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और अब माल्या पर कैसे कसेगा शिकंजा?

शराब कारोबारी विजय माल्या को एक के बाद एक बुरी खबर मिल रही है. पीएमएलए अदालत ने शनिवार को माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया. कुछ वक्त पहले ही लंदन की कोर्ट ने माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला सुनाया था. भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होना माल्या के लिए एक बड़े झटके की तरह है. माल्या को अब भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचना मुश्किल हो जाएगा.

क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून
यह कानून विदेश में छिपकर भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचने वाले भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर लगाम कसता है. इस कानून के तहत सरकार के पास उनकी संपत्ति जब्त करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के अधिकार हैं. इस कानून में यह प्रावधान किया गया है कि आर्थिक अपराध करने वाले भगोड़ों की देश के भीतर और बाहर सभी बेनामी संपत्तियां जब्त की जाएंगी. यह विधेयक भगोड़े आर्थिक अपराधियों को भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहते हुए भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचने से रोकेगा.

बता दें विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे कारोबारियों के बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेने के बाद देश से फरार होने की पृष्ठभूमि में यह कानून बनाया गया. ऐसा कई बार हुआ है जब मामला कोर्ट में लंबित रहता है, तभी लोग देश छोड़कर भाग जाते हैं. यह कानून ऐसे लोगों पर रोक लगाने के लिए है. इसके जरिए उनकी बेनामी संपत्तियां जब्त की जाएगी.

इस कानून में कहा गया है कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने ऐसे अपराध किए हैं जिनमें 100 करोड़ रुपए या उससे अधिक की रकम सम्मिलित है. वे भारत से फरार हैं या भारत में न्यायिक कार्रवाई से बचने या उसका सामना करने के लिए भारत आने से इनकार करते हैं.

इसमें भगोड़ा आर्थिक अपराधी की संपत्ति की कुर्की का उपबंध किया गया है. इसमें कहा गया है कि किसी भी भगोड़े आर्थिक अपराधी को कोई सिविल दावा करने या बचाव करने की हकदारी नहीं होगी. ऐसे मामलों में विशेष न्यायालयों द्वारा जारी आदेशों के विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील करने की बात कही गई है.

माल्या पर है कितना कर्ज?
बता दें कि विजय माल्या पर बैंकों का लगभग 9400 करोड़ रुपए बकाया है. उनके खिलाफ 17 बैंकों के कंसोर्टियम ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की थी. माल्या की तरफ से कहा गया है कि तेल के रेट बढ़ने, ज्यादा टैक्स और खराब इंजन के चलते उनकी किंगफिशर एयरलाइन्स को 6,107 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था. हालांकि वह अभी करीब 1800 करोड़ रुपए के विलफुल डिफॉल्टर हैं, बाकी बैंक अब भी माल्या के खिलाफ कोर्ट नहीं गए हैं.

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