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‘हेल्दीे लिविंग विथ पाम ऑयल’ की थीम के साथ पुणे में आयोजित किया गया मलेशियन पाम ऑइल काउंसिल का इवेंट

मलेशियन पाम ऑइल काउंसिल ने पुणे में ‘हेल्‍दी लिविंग विथ पाम ऑयल’ पर एक आयोजन की मेजबानी की। एमपीओसी की भारत और श्रीलंका में क्षेत्रीय प्रमुख सुश्री भावना शाह और फूड साइंस की एसोसिएट प्रोफेसर एवं पोषण विशेषज्ञ डॉ. मीना मेहता इस आयोजन के वक्ता थे। यह आयोजन मलेशियन पाम ऑयल काउंसिल की एक पहल था, ताकि शहरी भारतीयों के बीच मलेशियन पाम ऑयल पर जागरूकता उत्पन्न की जा सके, जो स्वादिष्ट भोजन के साथ स्वास्थ्य को लेकर भी सचेत होते हैं।

पुणे के आयोजन में पाम ऑयल के लाभ बताये गये, जो कि ऑयल पाम फ्रूट से बनने वाला वनस्पति तेल है। मलेशिया और इंडोनेशिया मिलकर विश्व के 85 प्रतिशत पाम ऑयल का उत्पादन करते हैं, जबकि अन्य उत्पादकों में थाइलैण्ड, कोलम्बिया, नाइजीरिया, पापुआ न्यू गिनी और इक्वाडोर शामिल हैं। पाम ऑयल सुपरमार्केट के लगभग 50 प्रतिशत खाद्य उत्पादों में पाया जाता है, जैसे चॉकलेट, बिस्कुट, केक, क्रैकर्स, कुकीज, पीनट बटर और आइसक्रीम। अपने विभिन्न रूपों में पाम ऑयल इन खाद्य उत्पादों का सामान्य अवयव है। इसके अलावा पाम से व्युत्पन्न किये जाने वाले ओलीयोकेमिकल्स का उपयोग पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स, डिटर्जेंट और घरेलू सफाई उत्पादों में किया जाता है।

अपने भाषण में भावना शाह ने कहा कि खाद्य उद्योग पाम ऑयल्‍स को इसलिये पसंद करता है, क्योंकि इसके कई उपयोग हो सकते हैं, विभिन्न खाद्य अनुप्रयोगों में इसका उपयोग सरल होता है और यह खाद्य उत्पादों का जीवन बढ़ाता है। खाद्य उत्पादकों द्वारा पाम ऑयल को पसंद किये जाने का प्रमुख कारण यह है कि पाम ऑयल पार्शियली हाइड्रोजीनेटेड अनसैचुरेटेड ऑयल्स का विकल्प है, जिनमें ट्रांस फैटी एसिड्स होते हैं, जो हृदय रोगों का कारण बनते हैं। पाम ऑयल फल का तेल है, जैसे कि ऑलिव ऑयल होता है और यह नॉन-जीएमओ है।

पाम ऑयल फल के गूदे या भित्ति से निकाला जाता है, जबकि पाम कर्नेल ऑयल को ऑइल पाम सीड (कर्नेल) से प्राप्त किया जाता है। पाम ऑयल और पाम कर्नेल ऑयल के गुणों में अंतर होता है, जिसके कारण यह विभिन्न खाद्य एवं अखाद्य अनुप्रयोगों में उपयोगी हैं। पाम ऑयल और पाम कर्नेल ऑयल को रीफाइन और परिमार्जित कर विभिन्न रूपों में ढाला जा सकता है। पाम ऑयल से पाम ओलीन बनाया जाता है, जो तरल होता है और जिसमें मोनोसैचुरेटेड ओलीक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है। विश्व के उष्णकटिबंधीय और सब-टेम्परेट क्षेत्रों के लिये यह प्राइमरी कुकिंग ऑइल है। पाम स्टीरिन पाम फ्रूट ऑइल का ठोस रूप है, जो ट्रांस रहित होता है। इसका उपयोग बैकरी और कन्फेक्शनरी में व्यापक तौर पर किया जाता है। पाम कर्नेल ऑयल का उपयोग कोटिंग और कन्फेक्शनरी फैट्स तथा कोकोआ बटर सबस्टिट्यूट्स के रूप में किया जाता है। पाम कर्नेल ऑयल से भी पाम कर्नेल ओलीन और पाम कर्नेल स्टीरिन बनाया जा सकता है।

एनिमल मॉडल्स, सेल कल्चर स्टडीज और ह्यूमन डाएटरी इंटरवेंशन ट्रायल्स में पाम ऑयल पर 300 से अधिक वैज्ञानिक प्रकाशन हैं, जो विस्तार से बताते हैं कि पाम ऑयल और इसके अवयवों के पोषक प्रभाव और लाभ क्या हैं। मानवों पर किये गये कई अध्ययनों में पाया गया कि पाम ऑयल का सेवन करने से ब्लड कोलेस्ट्रोल पर उदासीन प्रभावहोता है और यह ‘‘अच्छे’’ एचडीएल-कोलेस्ट्रोल को बढ़ाता है।

इस प्रकार विज्ञान उन दावों को खारिज करता है, जो कहते हैं कि पाम ऑयल आर्टरीज में जम जाता है और ब्लड कोलेस्ट्रोल के स्तर को बढ़ाता है।

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