dainikaamsabha:
इंदौर.
इंदौर से इस वर्ष मानसून रूठा हुआ रहा। इस साल इंदौर जिले की औसतन बारिश का आंकड़ा भी बहुत दूर रहा। इसके चलते अक्टूबर बीतने के साथ ही अभी से जलसंकट की चिंता बढ़ने लगी है। शहर के कई तालाबों का जलस्तर काफी नीचे है।
छोटी बिलावली और लिंबोदी तालाब सूख चुके हैं, जबकि पिपल्यापाला और बड़ी बिलावली में भी पानी कम बचा है। झमाझम बारिश के अभाव में शहर के तालाब रीते पड़े हैं। दूसरी ओर कई इलाकों में बोरिंग से पानी मिलना कम हो गया है। लोगों को निजी बोरिंग से पानी खरीदना पड़ रहा है या टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। कुछ परिवार पानी खरीदने पर हर महीने ₹1500 खर्च कर रहे हैं। टैंकर के लिए ₹2000 तक देने पड़ रहे हैं। कई लोग रिक्शे में बर्तन रखकर 3 से 4 किलोमीटर दूर अरंडिया गांव से पानी ला रहे हैं।
इधर, हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने शहर के सूख रहे तालाबों तक नर्मदा का पानी पहुंचाने के प्रस्ताव पर राज्य सरकार से दो सप्ताह में निर्देश लेने को कहा है। नगर निगम भी पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए मालवा-गंभीर लाइन, नए टैंकर और बोरिंग की मरम्मत जैसे इंतजाम करने की तैयारी कर रहा है।
कहीं 4 साल से पानी की समस्या, कहीं टैंकर भी नहीं पहुंचते
वार्ड 35 के तलावली चांदा गांव, बजरंग नगर, रविदास नगर और निरंजनपुर झाडू बस्ती में रहवासी लंबे समय से पानी की परेशानी झेल रहे हैं। उनका कहना है कि मंत्री तुलसी सिलावट और पार्षद राकेश सोलंकी से शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
टंकी में 35 लाख लीटर पानी, फिर भी घरों तक सप्लाई नहीं होने का दावा
कांग्रेस नेता सुभाष सोलंकी के मुताबिक, क्षेत्र में 2015 से 2018 के बीच पानी की टंकी बनाई गई थी। वर्ष 2020 से इसमें पानी आने लगा। उनका दावा है कि टंकी में करीब 35 लाख लीटर पानी आ रहा है, लेकिन रहवासियों को इसकी सप्लाई नहीं मिल रही। उन्होंने पानी के वितरण की जांच कराने की मांग की है। वार्ड 35 और 36 के अलावा तलावली चांदा, लसूड़िया मोरी और बजरंग नगर के कुछ हिस्सों में भी जलसंकट की शिकायतें हैं। वार्ड 16, 20, 28, 30, 37, 45, 51, 63 और 79 के रहवासियों ने भी नियमित जलापूर्ति की मांग की है।
इन वार्डों में भी जलसंकट की शिकायतें
वार्ड 35 और 36 के अलावा तलावली चांदा, लसूड़िया मोरी और बजरंग नगर के कुछ हिस्सों में भी पानी की समस्या बताई जा रही है। यहां कुछ परिवार हर दूसरे दिन 3 से 4 किलोमीटर दूर अरंडिया गांव जाकर पानी भरते हैं। वार्ड 16, 20, 28, 30, 37, 45, 51, 63 और 79 में भी जलसंकट की शिकायतें सामने आई हैं। रहवासियों ने नगर निगम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
तालाबों की स्थिति: कहीं जलस्तर घटा, कहीं पानी खत्म
इंदौर और आसपास के प्रमुख तालाबों में जलस्तर कम होने से चिंता बढ़ गई है। यशवंत सागर, बड़ी बिलावली, छोटी बिलावली, बड़ा सिरपुर, छोटा सिरपुर, पिपल्यापाला और लिंबोदी तालाब की स्थिति अलग-अलग है। कुछ तालाब सूख चुके हैं, जबकि बाकी में पानी कम हो गया है। ये तालाब भूजल स्तर को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
यशवंत सागर: 16.4 फीट पानी, यहीं से होती है शहर की सप्लाई
यशवंत सागर की अधिकतम क्षमता 19 फीट है और फिलहाल इसमें 16.4 फीट पानी है। नगर निगम के जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू के मुताबिक, यहां से छह पानी की टंकियों के जरिए शहर में जलापूर्ति होती है। उन्होंने बताया कि मालवा-गंभीर लाइन से पानी लाने की तैयारी की जा रही है। दिसंबर तक यहां पानी पहुंचाने की योजना है, जिससे जलस्तर बढ़ाने में मदद मिल सकेगी।
यशवंत सागर से 30 एमएलडी पानी की सप्लाई
जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने बताया कि यशवंत सागर से करीब 30 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है। उनके अनुसार, इससे 20 हजार से ज्यादा लोगों तक पानी पहुंचता है। उन्होंने कहा कि यशवंत सागर के अलावा बिलावली, लिंबोदी, पिपल्यापाला और सिरपुर तालाब भी महत्वपूर्ण हैं। ये तालाब भूजल स्तर को रिचार्ज करने में मदद करते हैं, लेकिन इस बार इनमें भी अपेक्षाकृत कम पानी है।
60 साल में दूसरी बार आया जलसंकट
सालों से इंदौर के पानी को लेकर आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने बताया कि बीते 60 सालों में दूसरी बार ऐसा जलसंकट है। 1965 में 15.8 इंच पानी कम गिरा था। इस साल 14 इंच पानी कम गिरा है।
नगर निगम ने ये किए इंतजाम –
- 85 वार्डों में हाइड्रेंट: हर वार्ड में कम से कम एक हाइड्रेंट लगाने और बड़े वार्डों में इनकी संख्या बढ़ाने की योजना।
- 100 नए टैंकर: पानी की सप्लाई सुचारू रखने के लिए 100 टैंकर खरीदने की तैयारी। इससे पहले 650 पानी के टैंकर लगाए गए थे।
- 6 हजार सरकारी बोरिंग की सर्विसिंग: गर्मी शुरू होने से पहले सभी सरकारी बोरिंग की सर्विसिंग कराई जाएगी।
- चार नई टंकियां: चार नई पानी की टंकियां तैयार की जा रही हैं। जनवरी से इनके जरिए जलापूर्ति शुरू करने की योजना है।
आने वाले महीनों के लिए चेतावनी है
शहर में तालाबों का घटता जलस्तर और कई इलाकों में पानी के लिए लोगों की परेशानी आने वाले महीनों के लिए चेतावनी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि नर्मदा और गंभीर लाइन से पानी पहुंचाने सहित नगर निगम की योजनाएं कितनी जल्दी जमीन पर उतरती हैं।
-किशोर कोडवानी, सामाजिक कार्यकर्ता
महापौर और मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है
मालवा-गंभीर लाइन से पानी लाने को लेकर महापौर और मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है। इस लाइन से पानी मिलने पर यशवंत सागर से होने वाली सप्लाई की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा राऊ से गंभीर की ओर जाने वाली लाइन के जरिए बिलावली, लिंबोदी और पिपल्यापाला तालाबों तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
-बबलू शर्मा, जलकार्य प्रभारी
Dainik Aam Sabha