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गोंडा / गर्भवती की सेहत और पोषण का रखें विशेष ख्याल

ताकि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर भारी न पडऩे पाये कोविड-19 का आपातकाल

गोंडा। हम सभी कोरोना वायरस से बचने के लिए लाक डाउन में रह रहे हैं। बच्चे हों या बुज़ुर्ग सभी को सरकार द्वारा अनेक उपाय बताये गए हैं जिससे वह स्वस्थ रहें तथा उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत रहे। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को भी अपनी देखभाल करनी चाहिए तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को उनके शरीर में होने वाले परिवर्तन से कुछ संक्रमण के खतरे बढ़ सकते हैं।

यह कहना है जिला महिला अस्पताल स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डा. सुवर्णा कुमार का। डा. सुवर्णा कहती हैं इसके कोई प्रमाण नही हैं कि कोविड-19 गर्भावस्था के समय बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा,यदि प्रसव के समय महिला कोविड 19 से संक्रमित है तो नवजात की जांच की जाएगी। इसलिए इससे बचाव का एकमात्र जरिया सावधानी है। इसलिए हमें उन सभी सलाहों को मानना चाहिए जो कि हमें हमारे चिकित्सक बता रहे हैं तथा सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए।

डा. सुवर्णा बताती हैं कि गर्भवस्था के समय गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक व् प्रतिरोधक क्षमता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए और अब तो हम इस समय कोरोना के संक्रमण से जूझ रहे हैं ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अपने अधिक ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में गर्भवती माहिलाओं के अपने भोजन में कार्बोहाईड्रेट, फैट, प्रोटीन, विटामिन, हाई फाइबर व मिनरल्स आदि को शामिल कर संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए। साथ ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ, अखरोट, बादाम, सुपर फ़ूड जैसे हल्दी, अदरख , लहसुन आदि का सेवन करें। खाना सफाई से बना हुआ, ताजा तथा अच्छे से पका हुआ ही खाएं। फलों व् सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छे से धो लें। गुनगुने पानी का सेवन करें द्य जंक फ़ूड का सेवन नहीं करना चाहिए।

डा. सुवर्णा के अनुसार, गर्भावस्था की पहली तिमाही में कम से कम 01 पौष्टिक नाश्ते के साथ 3 मुख्य भोजन करना चाहिए। साथ ही 5मिग्रा की फोलिक एसिड की एक गोली रोजाना लेनी चाहिए। आयरन, कैल्शियम या अन्य किसी भी दवाई का सेवन पहली तिमाही में नहीं करना है। दूसरी और तीसरी तिमाही में 2 पौष्टिक नाश्ते के साथ 3 मुख्य भोजन का सेवन करना चाहिए। साथ ही आयरन फोलिक एसिड (आईएफए) की एक गोली का सेवन रोजाना करना चाहिए जिसे प्रसव के बाद 6 माह तक जारी रखना चाहिए। गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में एक एल्बेन्डाजोल की टेबलेट का सेवन करना चाहिए। दूसरी व तीसरी तिमाही में भोजन के बाद 2 कैल्शियम की गोली का नियमित रूप से सेवन करना चाहिये। आयरन व कैल्शियम का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए। कैल्शियम को दूध के साथ और आयरन को विटामिन सी जैसे नीम्बू पानी, आंवल आदि के साथ लेना चाहिये। जंक फ़ूड का सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 20-25 मिनट योग या साधारण इनडोर स्ट्रेचिंग व्यायाम या सरल योग व्यायाम करना चाहिएद्य कैफीन, अल्कोहोल, तम्बाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी या तरल पदार्थ पीने चाहिए। गर्भवती महिलाओं को साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। खाना बनाने से पहले, खाना खाने के बाद, शौचालय जाने के बाद, नाखून काटने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोने चाहिए द्य शौचालय के उपयोग और सुरक्षित पीने के पानी से संक्रमण को रोका जा सकता है ।यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई हो तो देखभाल करें, स्वास्थ्य इकाई पर जाने से पहले नजदीकी चिकित्सक के पास कॉल कर चिकित्सीय सलाह का पालन करें।

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