साउथ डीवा साई पल्लवी फिल्म रामायण में सीता का रोल प्ले कर रही हैं. ट्रेलर में जबसे उनका लुक रिवील हुआ है, साई की अपीयरेंस पर तरह-तरह की बातें हो रही हैं. किसी को वो सीता के अवतार में सुंदर लगी हैं. कोई उनके पहनावे, मिनिमल मेकअप पर कमेंट कर रहा है. लेकिन साई हमेशा से ही ऐसी हैं. मेकअप से वो दूरी बनाए रखती हैं. तभी एक वक्त उन्होंने 2 करोड़ रुपये का फेयरनेस क्रीम ऐड ठुकरा दिया था.
बात 2019 की है. उन्हें फेयरनेस क्रीम के विज्ञापन के लिए अप्रोच किया गया था. जिसकी उन्हें भारी भरकम रकम ऑफर की गई थी. साई को 2 करोड़ की डील दी गई थी. लेकिन एक्ट्रेस ने बिना देर किए ये डील ठुकरा दी थी. उनके ऐसा करने की दो वजहें थीं. पहला ये कि साई रेयरली कॉस्मेटिक प्रोडक्ट यूज करती हैं और मेकअप लगाती हैं. एक्ट्रेस का मानना है मेकअप उन्हें सूट नहीं करता. वो बिना संकोच के अपने मुंहासों को स्क्रीन पर दिखाती हैं. इसमें वो शर्म महसूस नहीं करतीं. साई को रियल रहना पसंद है. तभी फैंस उन्हें नेचुरल ब्यूटी कहते हैं.
साई का बड़ा फैसला
साई ने एक इंटरव्यू में कहा था- मैं ब्यूटी प्रोडेक्ट्स को एंडोर्स नहीं करती. आपको अपने स्किन कलर और व्यक्तित्व के साथ कॉन्फिडेंट होने की जरूरत है. लेकिन ऐड ठुकराने की अहम वजह उनकी बहन थी. 2020 में बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में साई ने इसका खुलासा किया था. उनके मुताबिक, वो ऐसे कई दोस्तों और फैमिली को जानती हैं, जिन्होंने सांवले रंग की वजह से दूसरों से कम महसूस कराया गया. सोसायटी ने गोरे रंग को खूबसूरती का पैरामीटर बनाया है. इससे उन्हें दिक्कत है
एक्ट्रेस ने कहा- मेरा रंग मेरी बहन से थोड़ा साफ है. कई बार जब मेरी बहन सब्जियां और फल नहीं खाती थीं. तब मेरी मेरी मां उसे कहती थीं ये सब खाने से उसका रंग गोरा हो जाएगा. ये देखकर मुझे दुख होता था. मैंने तब अपनी बहन के लिए इसके खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया. मैं ऐसे पैसों का क्या करूंगी जो इस ऐड से मुझे मिलता? अगर मैं ऐसा भी नहीं कर पाई, तो फिर पैसे कमाने का क्या फायदा? मैं घर जाकर 3 रोटी और चावल खा लूंगी.
साई के मुताबिक, वो हमेशा ही सिंपल रही हैं. पैसा कभी उनके लिए ड्राइविंग फोर्स नहीं रहा. हालांकि साई ने साफ किया कि जो लोग ऐसे विज्ञापन करते हैं या ब्रांड्स से जुड़ते हैं, वो उन्हें जज नहीं करतीं.
मुंहासों से परेशान रहती थीं साई
साई एक वक्त अपने चेहरे के मुंहासों (पिंपल) को लेकर परेशान रहती थीं. इससे छुटकारा पाने के लिए उन्होंने सैकड़ों क्रीम लगाईं. वो घर से बाहर नहीं निकलना चाहती थीं. उन्हें लगता था लोगों का ध्यान उनके मुंहासों पर है. उनकी आंखों में देखकर लोग बात नहीं करते थे. लेकिन जब फिल्म प्रेमम सक्सेसफुल हुई तो उनमें कॉन्फिडेंस जगा. उन्हें फील हुआ कि पिंपल के बावजूद लोगों ने उन्हें पंसद किया है. तबसे वो अपनी कमियों से शर्मिंदा नहीं होतीं. उन्होंने खुद पर भरोसा करना सीखा.
Dainik Aam Sabha