dainikaamsabha:
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब नहीं होगा. राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 12 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किये थे. लेकिन आज नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज होने के बाद BJP के 8 और समाजवादी पार्टी (सपा) के 2 उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है. यानी अब इन 10 सीटों के लिए मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी. दरअसल, उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है. इसे देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने इन सीटों पर 16 अक्टूबर को द्विवार्षिक चुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित किया था।
10 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवारों ने दाखिल किया था नामांकन
चुनाव प्रक्रिया के तहत 29 सितंबर से 6 अक्टूबर तक नामांकन की अंतिम तारीख निर्धारित की गई थी. 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच तथा 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की समयसीमा तय है. जिसके तहत 10 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था।
सबसे पहले नामांकन कर बैकफुट पर आई सपा
नामांकन प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले सपा की ओर से प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज नाथवानी ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया. वहीं 1 अक्टूबर को कांते सयन्ना ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरा. हालांकि इस दौरान सपा ने जल्द ही अपना तीसरा उम्मीदवार भी उतारने का ऐलान कर दिया था. हालांकि बीते 6 अक्टूबर को नामांकन के अंतिम दिन सपा मुखिया अखिलेश यादव ने X पर “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।” पोस्ट कर अपना तीसरा उम्मीदवार ना उतारने का ऐलान कर BJP और सपा के सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन तय कर दिया था।
BJP के आत्मविश्वास से बैकफुट पर आये विपक्षी
इस दौरान BJP ने अपने 8 उम्मीदवारो के नाम का ऐलान कर दिया था. जिसमें 7 को जिताने के लिए BJP के पास पर्याप्त संख्या थी. जबकि BJP ने अपना 8 वां उम्मीदवार विपक्षी विधायकों के समर्थन के भरोसेमंद मैदान में उतारा था. जिसके बाद एक ओर जहाँ विपक्ष बैकफुट पर नज़र आया. तो वही BJP पूरे आत्माविश्वास के साथ CM योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी CM के साथ संगठन के शीर्ष नेतृत्व के साथ BJP ने अपने सभी 8 उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल कराते हुए नज़र आई. जिसमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, राम प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह और श्रुति गंगवार शामिल रही. हालांकि इस दौरान ओमकार नाथ चौरसिया ने भी बिना आवश्यक 10 प्रस्तावको के ही निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया. जिससे 10 सीटों के लिए 12 उम्मीदवारों के नामांकन हो गए।
दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज
7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी ने कांते सयन्ना और ओमकार नाथ चौरसिया के नामांकन पत्र खारिज कर दिए. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक दोनों निर्दलीय उम्मीदवार आवश्यक 10 प्रस्तावकों की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं कर सके थे. जिसके चलते बिना 10 प्रस्तावको के ही नामांकन पत्र दाखिल कर देने के आधार पर इन दोनों निर्दलीय उम्मीदवारो का नामांकन ख़ारिज कर दिया गया है. अब राज्यसभा की 10 सीटों के लिए मैदान में केवल BJP के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार रह गए हैं. ऐसे में इन सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।
9 को नाम वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद मिलेगा सर्टिफिकेट
अब 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी. यदि कोई उम्मीदवार नाम वापस नहीं लेता है. तो इसके बाद सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी. और सभी उम्मीदवारों को निर्वाचन का सर्टिफिकेट भी दें दिया जायेगा. और फिर उसके बाद बिना मतदान ही राज्यसभा चुनाव की समस्त प्रक्रियाओ को संपन्न करने की औपचारिकताओ को भी पूरा कर दिया जायेगा।
इन राज्यसभा सदस्यों का 25 नवंबर को खत्म होगा कार्यकाल
उत्तर प्रदेश से जिन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है, उनमें अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, प्रो. राम गोपाल यादव, रामजी, बी.एल. वर्मा, सीमा और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं. वहीं डॉ. दिनेश शर्मा को बीते दिनों अंडमान निकोबार का उप राज्यपाल बना दिया गया है. जिसके चलते राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफे जाने के चलते उनकी सीट बीते 11 सितंबर 2026 से रिक्त है।
Dainik Aam Sabha