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कोविड-19 लॉकडाउन में जनता तक पहुंचने के लिए सरकारी विभाग ’पब्लिक ऐप’ का उपयोग कर रहे हैं

1000 से ज्यादा राजनेता, राजनीतिक दल, स्थानीय (जिला) सरकारी विभाग और प्रशासकीय अधिकारी फेक न्यूज़ से मुकाबला के लिए ’पब्लिक ऐप’ से जुड़े

आम सभा, भोपाल : कोविड-19 वायरस के फैलाव और लॉकडाउन के इस दौर में देशवासी घर के भीतर ही बने रहने की आदत डाल रहे हैं। ऐसे में वे ज्यादातर वक्त अपने स्मार्टफोन पर व्यतीत करते हुए महामारी के हालात की खबरें पाते रहते हैं। ’पब्लिक’ ऐप एक लोकेशन आधारित सोशल नेटवर्क है जो लोगों को उनके गांवों और शहरों से कनेक्टिड रहने में मदद कर रहा है। कोविड विस्फोट के बाद पब्लिक ऐप को डाउनलोड करने की दर में 100 प्रतिशत का उछाल आया है। गौर तलब है कि पब्लिक ऐप के रोजाना 3 लाख डाउनलोड हो रहे हैं।

दिलचस्प तथ्य यह है कि राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में 1000 से अधिक राजनेताओं, प्रशासकीय अधिकारियों और स्थानीय (जिला) सरकारी विभागों जैसे पुलिस व चिकित्सा अधिकारियों ने भी इस ऐप को डाउनलोड किया है तथा इसके जरिए वे जनता तक पहुंच रहे हैं और कोरोनावायरस से संबंधित गलत सूचनाओं को रोकने का काम कर रहे हैं। सरकारी अधिकारी एवं राजनेता पब्लिक ऐप का उपयोग करके कोविड-19 से संबंधित फेक न्यूज़ व अफवाहों का मुकाबला कर रहे हैं तथा लोगों की शिकायतों को भी सुन रहे हैं ताकि सबकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। राष्ट्रीय व क्षेत्रीय राजनीतिक दल जैसे भाजपा, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया, जनता दल युनाइटेड, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस भी इस ऐप के माध्यम से समुदायों से जुड़े हुए हैं।

पब्लिक ऐप द्वारा सरकारी विभाग एवं राजनेता कोविड-19 एवं विविध सरकारी नीतियों के बारे में लोगों को शिक्षित कर रहे हैं तथा लोगों की परेशानियां जानकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। चूंकि हर जिले के समक्ष भिन्न किस्म की समस्याएं होती हैं इसलिए लोगों तक निर्देशों को पहुंचाने के लिए अधिकारी इस ऐप का उपयोग कर रहे हैं।

हेमा मालिनी, वरुण गांधी, कमल नाथ, सी.पी. जोशी, चंद्रभान सिंह, भूपिंदर सिंह हूडा, दीपेन्दर सिंह हूडा, ओम प्रकाश धनकड़ और डॉ आलोक रंजन उन राजनेताओं में से हैं जो पब्लिक ऐप के माध्यम से लोगों से सम्प्रेषण कर रहे हैं और समुदायों के साथ जुड़ रहे हैं।

इस रुझान के बारे में पब्लिक ऐप के सह-संस्थापक व सीईओ अज़हर इक़बाल ने कहा, ’’दुनिया कोविड-19 की महामारी का सामना कर रही है, यह अभूतपूर्व समय है, लोग डरे हुए हैं और ऐसे में गलत जानकारी फैलने से भय और बढ़ जाएगा। हर किसी को सूचनाओं के भरोसेमंद स्त्रोत की आवश्यकता है और उन्हें ऐसे तरीकों चाहिए जिनसे वे अपने समुदायों से जुड़े रह सकें। पब्लिक ऐप के जरिए हम राजनेताओं और सरकारी विभागों की मदद कर रहे हैं कि वे जनता तक पहुंच सकें और उन्हें सही एवं उपयोगी जानकारी सम्प्रेषित कर पाएं तथा कोरोना वायरस से संबंधित गलत खबरों का मुकाबल कर सकें।

दूसरे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स से अलग इस ऐप में यूज़र की लोकेशन के मुताबिक अपडेट दिए जाते हैं। यह राजनेताओं के लिए एक सहायक साधन बन गया है कि वे जनता से संवाद कर सकें और लोगों के बीच जागरुकता जगा सकें, जो कि वर्तमान समय में अत्यंत आवश्यक है।’’

पिछले महीने में राजस्थान, हरियाणा, बिहार, झारखंड, उ.प्र., म.प्र., छत्तीसगढ़ व गुजरात आदि राज्यों में बड़ी तदाद में लोगों ने पब्लिक ऐप को डाउनलोड किया है।

पब्लिक ऐप लोगों को सुविधा देता है कि रियल टाइम अपडेट द्वारा जान सकें कि उनके आसपास क्या हो रहा है तथा जानकारी साझा कर सकें। इससे टियर2 और टियर3 शहरों के लोगों को खास मदद मिल रही है, लोग अपने आसपास के हालात का वीडियो रिकॉर्ड कर के पोस्ट कर सकते हैं जिससे स्थानीय समुदाय को जानकारी मिलती है। पब्लिक ऐप पर हर महीने 10 लाख वीडियो बनाए जा रहे हैं जिनसे स्थानीय समुदाय कनेक्ट रहता है, सही सूचना प्राप्त करता है और सशक्त बनता है।

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