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इस वर्ल्ड हेल्थ डे पर बादाम के साथ तंदुरुस्त रहना चुनिए

हर वर्ष वर्ल्डी हेल्थज डे अलग-अलग सेहत की थीम के इर्द-गिर्द हमें जागरूक करने के अभियान के तौर पर मनाया जाता है, जो दुनिया भर के लोगों के उचित शारीरिक विकास और तंदुरुस्ती के लिए बहुत ज्याेदा जरूरी है। इस वर्ष की थीम यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) पर केंद्रित है। इस थीम ने एक ऐसी प्रमुख चिंता की ओर लोगों का ध्यान दिलाया है, जिसका आज दुनिया के विभिन्न देश सामना कर रहे हैं।

आज दुनिया भर के देशों की सरकारें और संगठन यह सुनिश्चित करने के लिए एक साथ आ रहे हैं कि अलग-अलग लोगों और विभिन्न समुदायों, हर किसी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। इसके लिए उन्हें रुपये-पैसे की किसी तरह की मुश्किलों का सामना न करना पड़े। यह दिन इसलिए भी जरूरी है कि हम अपने परिवारों और अपनी सेहत के प्रति कुछ योगदान कर सकें। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर अपनी लाइफस्टाइल में थोड़े-बहुत बदलाव कर अपनी सेहत का रिमोट कंट्रोल हम अपने हाथ में रख सकते हैं।

स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा तरीका अपने खान-पान की पसंद को बेहतर बनाना और सही स्नैक्स का चुनाव करना है। बादाम जैसे नट्स शरीर को 15 तरह के पोषक तत्व देने का स्त्रोत हैं, जिसमें विटामिन ई, मैग्नीशियम, प्रोटीन, राइबोफ्लेबिन और जिंक शामिल है। इसके अलावा बादाम हमारी सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं। यहां पर वह तीन महत्वपूर्ण कारण दिए जा रहे हैं कि आखिर क्यों आपको बादाम को अपने रोजाना की डाइट में शामिल करना चाहिए।

दिल की सेहत के लिए बादाम

कार्डियोवैस्कुलर रोग (सीवीडी) कई तरह के दिल के रोगों का मिला-जुला रूप होते है, जिसमें दिल के दौरों और रक्तवाहिकाओं के रोग शामिल होते हैं। ब्लड वेसल्स या रक्तवाहिकाएं हमारे अंगों को स्वस्थ रखती हैं। दिल के रोग भारत समेत दुनिया भर में मौत का सबसे प्रमुख कारण है। देश में इस स्थिति का सबसे प्रमुख कारण भारतीयों की लाइफस्टाइल है, जिनमें पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न करना, ज्यादा मीठा और तला-भुना ज्यादा खाना और फैट्स, ट्रांसफैट और कोलेस्ट्रोल से भरपूर डाइट लेना शामिल हैं। जर्नल न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित भारतीय न्यूट्रिशन और कार्डियोवैस्कुलर रोगों के एक्सपर्ट पैनल की समीक्षा प्रकाशित हुई थी, जिसमें बताया गया कि बादाम को अपने रोजाना के भोजन में शामिल कर आप डिस्लिपीडेमिया को कम रख सकते हैं, जो भारतीयों में दिल के रोग होने का प्रमुख जोखिम कारक है।

न्यूट्रिशन एवं वेलनेस कंसल्टेंखट शीला कृष्णास्वामी के अनुसार, “एक स्वस्थ दिल के लिए हमारे लिए अपने खान-पान पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। मेरे पास रोजाना कई दिल के मरीज अपनी डाइट के बारे में सुझाव मांगने आते हैं। मैं हमेशा उनकी दिल की सेहत को दुरुस्त रखने वाली डाइट का सुझाव उन्हें देता हूं, जिसमें बादाम, ताजे फल, अंकुरित चने, साबुत अनाज और ढेर सारी सब्जियां शामिल हैं। ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार शोधार्थियों ने यह अनुमान लगाया कि रोजाना एक बार खाए जाने वाले बादाम की मात्रा में 30 फीसदी की बढ़ोतरी कर एक अनुमान के तौर पर 10 साल में होने वाले कोरोनेरी हार्ट डिजीज (सीएचडी) का रिस्कब स्को र मरीजों में 3.5 फीसदी तक कम हो गया था।”

मैक्स हेल्थकेयर में डाइटेटिक्स विभाग की रीजनल हेड रितिका समद्दर ने कहा, “दिल के रोग के खतरे से खुद को बचाने के लिए हमें अपने डाइट और लाइफस्टाइल पर खासा ध्यान देना होगा। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से हम पुरानी और जिंदगी भर साथ रहने वाली बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं। खाने के दौरान हमें अपने कोलेस्ट्रोल लेवल का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। दिल की अच्छी सेहत के लिए हमें एलडीएल कोलेस्ट्रोल को कम से कम रखने की कोशिश करनी चाहिए। अपनी रोजमर्रा की डाइट में एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाकर हम अपनी सेहत को दुरुस्त रख सकते हैं। इसके लिए उन फूड आइटम्स को अपनी डाइट में शामिल करना होगा जिसमें बादाम जैसे मोनोसेचुरेटेड फैट्स पर्याप्त मात्रा में मिल सकें और वह शरीर में ज्यादा सैचुरेटेड फैट्स की जगह ले सकें।”

फिजिकल फिटनेस सिस्टम पाइलेट्स की एक्सपर्ट और डाइट और न्यूट्रिशन कंसल्टेंरट माधुरी रुइया ने बताया, “आजकल तनाव बहुत से लोगों की जीवनशैली का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, जो दिल के रोग होने का खतरा प्रमुखता से बढ़ाने में अपना योगदान दे सकता है। तनाव में व्यक्ति भूख न होने पर भी भावना में बहकर ज्यादा खाते हैं। इस हालत में वह शरीर की जरूरत के अनुसार नहीं, बल्कि जज्बाती होकर या डिप्रेशन में ज्यादा खाते हैं। मेरा सुझाव है कि शरीर को भरपूर पोषण न देने वाले स्नैक्स खाने से बेहतर है कि हम स्मार्ट तरीके से बादाम को स्नैक्स में शामिल करें, जिससे हमारी जिंदगी में एक स्वस्थ अंतर देखने को मिल सकता है।”

बादाम से संपूर्ण त्वचा की सेहत में सुधार देखा गया

हमारी त्वचा की सेहत कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जिसमें हमारी लाइफस्टाइल, हमारा भोजन और माहौल में लगातार आते बदलाव शामिल है। लंबे समय में ये कारक त्वचा संबंधी कई रोगों का कारण बनते हैं, जिसमें त्वचा पर मुहांसे होना, समय से पहले बुढ़ापा आना और त्वचा पर दाग-धब्बे होना शामिल है। परफेक्ट त्वचा हासिल करने के लिए हम कई तरह के कास्मेटिक प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि इससे त्वचा को केवल कुछ ही समय के लिए ठीक रखा जा सकता है। एक स्वस्थ त्वचा हासिल करने के लिए हमें उन फूड आइटम्स को अपने रोजाना के खाने में शामिल करना होगा, जो पौष्टिकता से भरपूर हों। आयुर्वेदिक, प्रमाणित और यूनानी चिकित्सा संबंधी ग्रंथों में प्रकाशित लेखों के अनुसार बादाम हमारी त्वचा की सेहत के लिए काफी अच्छे होते हैं और इससे हमारी त्वचा की चमक बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के छोटे स्तर पर किए गए प्रारंभिक अध्ययन में शोधकर्ता डेविस ने यह पाया कि दूसरे नट फ्री स्नैक्स की जगह रोज बादाम खाने से महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद शरीर में झुर्रियां पड़ने की रफ्तार धीमी हो जाती है। इससे उनकी त्वचा कसी हुई और चमकदार रहती है।

मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री सोहा अली खान त्वचा की सेहत के महत्व पर जोर डालते हुए कहती हैं, “एक अभिनेत्री के तौर पर मेरे लिए अपनी त्वचा की नियमित रूप से अच्छी देखभाल करना बहुत जरूरी है। मैं व्यक्तिगत रूप से अपनी त्वचा को सुंदर दिखाने के लिए बहुत ज्यादा मेकअप करने में विश्वास नहीं रखती। इसकी जगह मैं अपनी त्वचा को सेहतमंद और चमकदार बनाए रखने के लिए अच्छी डाइट लेती हूं। इसके लिए मैं सुनिश्चित करती हूं कि मैं रोजाना मुट्ठी भर बादाम खा सकूं। घर में रहते हुए, काम के समय और शूटिंग के लिए जगह-जगह की यात्रा करते हुए मैं अपने बैग में कुछ बादाम जरूर रखती हूं।”

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