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2018 का बॉल टेंपरिंग विवाद फिर चर्चा में, कैमरामैन की नजर से पकड़े गए थे बेनक्रॉफ्ट

dainikaamsabha:

नई दिल्ली
 दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज की शुरुआत के साथ ही बॉल टेंपरिंग की घटना एक बार फिर चर्चा में है। ऑस्ट्रेलियाई टीम इससे पहले जब दक्षिण अफ्रीका पहुंची थी, तब कंगारू खिलाड़ियों ने मैच जीतने के लिए बॉल टेंपरिंग की थी। इससे ऑस्ट्रेलियाई टीम की बहुत बदनामी हुई थी। हालांकि, हैरान करने ववाली बात यह है कि ब्रॉडकास्टर ने बॉल टेंपरिंग का खुलासा गलती से किया था। फुटबॉल और रग्बी मैच कवर करने की आदत के कारण उन्होंने क्रिकेट में भी गेंद पर कैमरा बनाए रखा और बाद में जूम भी किया। इसी वजह से बेनक्राफ्ट के हाथ में सैंडपेपर दिखा। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम की काली करतूत सामने आई।

केप टाउन टेस्ट के ब्रॉडकास्टर एल्विन नाइकर ने बताया था कि ऑस्ट्रेलियाई टीम की बॉल टेंपरिंग पकड़े जाना एक संयोग ही था। बीबीसी के अनुसार उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई टीम जिस तरह से पकड़ी गई, वह सरासर संयोग था। रग्बी और फुटबॉल का प्रसारण बहुत सुनियोजित होता है। पहले कैमरा एक और दो चालू होते हैं, फिर जब खेल रुक जाता है तो क्लोज-अप शॉट्स के जरिए पूरी कहानी दिखाई जाती है।' ऐसा ही क्रिकेट मैच में किया गया तो बॉल टेंपरिंग पकड़ी गई।

हथेली पर गेंद घिसकर पकड़े गए बेनक्राफ्ट
नैकर ने बताया कि 2018 की सीरीज खराब माहौल में शुरू हुई थी। पहले दो टेस्ट मैचों में गड़बड़ियों के बावजूद स्थानीय प्रसारक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की बॉल टेंपरिंग पर नजर नहीं रख रहे थे। उन्होंने कहा, 'किसी ने भी मुझे कुछ नहीं बताया। डरबन में पहले टेस्ट में जमकर बवाल हुआ था। इसके बाद पोर्ट एलिजाबेथ में दूसरे टेस्ट मैच में भी हंगामा हुआ। हमें तब भी कुछ समझ नहीं आया। गेंद विकेटकीपर के पास गई, फिर बैनक्रॉफ्ट के पास और वह गेंद को चमका रहे थे। पहले गेंद उसकी पैंट पर थी, फिर अगली गेंद पर, कैमरामैन का ध्यान बैनक्रॉफ्ट पर इसलिए रुका रहा, क्योंकि वह गेंद को अपनी पैंट पर नहीं, बल्कि अपनी हथेली पर रगड़ रहे थे।'

बड़े लेंस में सामने आई सच्चाई
नैकर ने कहा, 'जब उसने गेंद फेंकी, तो उसने अपना हाथ जेब में डाला। कैमरामैन ने बड़े-बड़े लेंस वाले कैमरे से जेब पर जूम किया। स्लो-मो ऑपरेटर ने उसे देखा, आगे-पीछे किया फिर जूम किया और सैंडपेपर नजर आया। इसके बाद बेनक्राफ्ट ने सैंडपेपर पैंट में छिपा लिया। इस घटना को ब्रॉडकास्टर ने बार-बार स्क्रीन पर दिखाया। जब बैनक्रॉफ्ट ने स्क्रीन पर देखा तो उसने उसे निकालकर अपनी अंडरवियर में रख लिया। कैमरामैन ने इसे रिकॉर्ड कर लिया। फिर भी यह लाइव नहीं था, हमने रिप्ले चलाया।'

तीनों खिलाड़ियों पर लगा बैन
इस घटना के बाद स्मिथ एक लाइव टेलीविजन इंटरव्यू के दौरान फूट-फूटकर रो पड़े और उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। हालांकि, इसके बाद उन पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से 12 महीने का बैन लगाया गया। इसके साथ ही उनसे कप्तानी भी छीन ली गई। वार्नर पर भी इसी तरह 12 महीने का बैन लगाया गया और उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में कभी भी कप्तान बनने से रोक दिया गया। वहीं, बैनक्रॉफ्ट पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से 9 महीने का बैन लगा दिया गया। इसमें हैरान करने वाली बात यह थी कि किसी भी गेंदबाज पर कोई एक्शन नहीं हुआ, जबकि गेंदबाज ही सबसे ज्यादा गेंद के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में यह कैसे संभव था कि किसी भी गेंदबाज को बॉल टेंपरिंग के बारे में जानकारी नहीं थी