
हमारे देश में ड्रैगन फ्रूट का उपयोग आमतौर पर शादी-पार्टीज और हाई-प्राइज स्मूदीज में ही देखने को मिलता रहा है। इस समय पर कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण शादी-पार्टी और बाहर का खाना जैसी सभी ऐक्टिविटीज पर रोक लग चुकी है। लेकिन साथ ही बारिश के साथ बरसात के एक महीने बाद तक डेंगू का सीजन भी जारी रहता है। यहां जानिए कि ड्रैगन फ्रूट का सेवन आपको किस तरह डेंगू से बचाने और कोरोना के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायता करता है…
विटमिन-सी से भरपूर
-ड्रैगन फ्रूट की प्रॉपर्टीज में यह बात मुख्य रूप से सामने आती है कि यह फल विटमिन-सी प्राप्त करने का एक शानदार सोर्स होता है। आप जानते हैं कि विटमिन-सी हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में प्रमुखता से काम करता है।
-यही कारण है कि कोरोना संक्रमण और डेंगू बुखार दोनों के खिलाफ शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में ड्रैगन फ्रूट हमारी सहायता कर सकता है। ड्रैगन फ्रूट को इसकी मल्टीपल खूबियों के कारण सुपर फूड भी कहा जाता है।
फाइबर से भरपूर
-ड्रैगन फ्रूट में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए इसे खाने से पाचनतंत्र ठीक से काम करता है। जिन लोगों को डेंगू हो चुका हो उन्हें भी रिकवरी में यह फल बहुत अधिक लाभ पहुंचा सकता है।
-साथ ही डेंगू से बचाव में यह फल इसलिए भी लाभकारी है क्योंकि यह हमारे शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या को बनाए रखने में सहायता करता है। डेंगू की चपेट में आने के बाद प्लेटलेट्स का स्तर गिरने के कारण ही रोगी की सेहत सबसे अधिक खराब होती है।
कैरोटिनॉइट युक्त
-ड्रैगन फ्रूट में बीटा कैरोटीन और लायकोपीन नामक तत्व पाए जाते हैं। जिन लोगों की डायट में ये ऐलिमेंट्स शामिल होते हैं, उनके शरीर में कैंसर जैसा भयानक रोग पनपने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। इससे भी आप समझ सकते हैं कि ड्रैगन फ्रूट हमारे शरीर की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में किस तरह सहायता करता है।
आयरन से भरपूर
-जिन लोगों के शरीर में खून की कमी होती है, कोरोना वायरस और डेंगू संक्रमण के लिए ऐसे लोग फेवरिट होते हैं। यानी उनका शरीर इन वायरस की चपेट में आसानी से आ जाता है। ड्रैगन फ्रूट आयरन से युक्त होता है, इसलिए यह हमारे शरीर में रक्त की कमी को दूर करता है।
ब्लड शुगर ना बढऩे दे
– ड्रैगन फ्रूट रक्त की कमी को दूर कर, रक्त के संचार को ठीक बनाए रखता है। साथ ही हमारे खून में ग्लूकोज के बढ़ते स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायता करता है। इस कारण शरीर में ऊर्जा का प्रवाह सुचारू रूप से होता रहता है और व्यक्ति डायबिटीज जैसी भयानक बीमारी की चपेट में आने से बच पाता है।
Dainik Aam Sabha