
एण्डटीवी के ‘एक महानायक डाॅ बी.आर. आम्बेडकर‘ में सर्वज्ञ महाराज किसी भी सूरत में भीमराव (आयुध भानुशाली) को हराने का प्रण ले चुके हैं और इसके लिए वह किसी भी हद तक जाायेंगे। कई सारे असफल प्रयासों के बाद, सर्वज्ञ महाराज, भीमराव को मानसिक प्रताड़ना देने के लिये एक मास्टर प्लान लेकर आते हैं। वह उसे इस हद तक परेशान करने वाले हैं कि भीमराव खुद ही अपना आत्मविश्वास खो दे। उनका मुख्य मकसद भीमराव, जोकि अपनी जाति के एक उभरते हुए लीडर हैं, को उन लोगों का नेतृत्व करने के अयोग्य साबित करना है।
ऐसा करते हुए महाराज, गोपाल के साथ मिलकर भीमराव पर निशाना साध रहे हैं। वह ऐसी स्थिति पैदा कर देते हैं कि भीम जिन लोगों का नेतृत्व कर रहे होते हैं वे उन पर ही उंगलियां उठाने लगते हैं और गांव वाले उन पर शक करने लगते हैं। अब ऐसे हालातों में भीमराव कैसे इसका मुकाबला करेंगे और दोबारा लोगों का विश्वास जीतेंगे? रामजी सकपाल की भूमिका निभा रहे, जगन्नाथ निवांगुने कहते हैं, ‘‘भीमराव मजबूत इरादों वाला है और वह आसानी से हार मानने वालों में से नहीं है। उसने सारी मुश्किलों का सामना बड़ी ही बहादुरी से किया है।
सर्वश्र महाराज ने भीमराव को गांव से निकालने का पक्का इरादा कर लिया है। पहले तो उसने भीम को भावनात्मक रूप से तोड़ने की कोशिश की लेकिन हर बार ही असफल रहा। इसलिये अब वह उसे मानसिक रूप से परेशान करने का संकल्प लेता है। महाराज भीमराव को इतना भ्रमित करना चाहते हैं ताकि वो खुद ही अपनी सुध खो बैठे। रामजी का अटूट भरोसा और परिवार का साथ लेकर, कैसे भीमराव इस मुश्किल स्थिति का सामना करेगा और किस तरह अपने लोगों का भरोसा जीतेगा। इस हफ्ते की कहानी आगे क्या अंजाम लेगी।‘‘
Dainik Aam Sabha