लखनऊ
उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा 2025-26 की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन और स्वच्छ पेयजल योजनाओं की अभूतपूर्व उपलब्धियों का विस्तृत खाका सामने आया है। आर्थिक समीक्षा के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में पेयजल आपूर्ति का दायरा अब केवल बसाहटों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि हर ग्रामीण परिवार तक शुद्ध और नियमित जल पहुंचाने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन औसतन 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
पेयजल आपूर्ति की बड़ी चुनौती निर्बाध बिजली की उपलब्धता रही है। इसे ध्यान में रखते हुए दुर्गम क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित पेयजल परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। जनवरी 2026 तक 40,955 परियोजनाओं में से 33,157 परियोजनाएं सौर ऊर्जा से संचालित हो रही हैं, जिनकी क्षमता लगभग 900 मेगावाट है। इन परियोजनाओं से 67,013 गांवों को लाभ मिलेगा और 13.30 करोड़ ग्रामीण आबादी संतृप्त होगी।
सौर ऊर्जा के उपयोग से परियोजनाओं के समय पर पूर्ण होने में मदद मिली है, साथ ही संचालन लागत में भारी बचत और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। अनुमान है कि 30 वर्षों में संचालन लागत में लगभग 37,395 करोड़ रुपये की बचत होगी। इसके साथ ही 13 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी, जो पर्यावरणीय दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
91 प्रतिशत घरों तक पहुंचा नल से जल
प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना के माध्यम से दिसंबर तक 2.67 करोड़ घरों की 16.69 करोड़ ग्रामीण आबादी को संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष दिसंबर 2025 तक 2.43 करोड़ घरेलू नल कनेक्शन प्रदान कर 15.12 करोड़ ग्रामीण जनसंख्या को शुद्ध पेयजल से जोड़ा जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 91 प्रतिशत है।
वर्तमान में 46,303 राजस्व ग्रामों में नियमित, गुणवत्तायुक्त और पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
युवा और महिलाएं बने मिशन की ताकत
जल जीवन मिशन के तहत पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर कौशल विकास भी किया गया है। जनवरी 2026 तक 7.56 लाख युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, पम्प ऑपरेटर, प्लम्बर, फिटर और मोटर मैकेनिक जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ 5.51 लाख महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रशिक्षित कर उन्हें जल सुरक्षा की जिम्मेदारी से जोड़ा गया है।
स्वच्छता और जागरूकता पर जोर
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा ‘स्टॉप डायरिया कैंपेन’ के तहत ‘अपने पानी को जानो’, पानी के रिसाव की पहचान और मरम्मत जैसे अभियानों को जिला, ब्लॉक और गांव स्तर तक पहुंचाया गया है।
Dainik Aam Sabha