
* वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही में डिजिटल रूप से सक्षम ग्राहक पेशकश, बिग डाटा एवं एनालिटिक्स, आधुनिक तकनीक को अपनाने, कर्मचारी विकास एवं गवर्नेंस और व्यापक डिजिटल चैनलों/उत्पादों को अपनाने तथा एकीकृत और समावेशी बैंकिंग हेतु बेहतर ग्राहक अनुभव के लिए मजबूत आईटी संरचना कार्यनिष्पादन की प्रमुख विशेषता रही।
आम सभा,मुंबई।
भारतीय बैंक संघ (आईबीए) द्वारा वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही के लिए ईज़ सुधार सूचकांक पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने पहली बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
बेहतर पहुँच एवं सेवा उत्कृष्टता (ईज़) पीएसबी सुधार एजेंडा के हिस्से के रूप में वित्तीय सेवाएं विभाग (भारत सरकार) की एक पहल है और वर्तमान में पांचवे पुनरावर्तन के तहत यह उन्नत डिजिटल अनुभव, डाटा – संचालित, एकीकृत और समावेशी बैंकिंग पर केन्द्रित है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने एनालिटिक क्षमताओं को निर्मित करने में ग्राहक संबंधों को बनाए रखने और मजबूत करने, प्रभावी ऋण निगरानी, व्यापक डिजिटल संग्रह प्रबंधन प्रणाली, धोखाधड़ी रेसीलियंस और साइबर सुरक्षा, एकीकृत बैंकिंग अनुभव के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी क्षमताओं को अपनाने, ग्राहक केन्द्रित डिजिटल पेशकशों, कर्मचारी विकास और बेहतर संचालन उपायों से संबन्धित क्षेत्रों में अच्छा कार्यनिष्पादन किया है। जिसके परिणामस्वरूप बैंक ने अपनी गति को जारी रख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए निर्धारित विभिन्न सुधारों को अपनाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पहली बार सर्वश्रेष्ठ बैंक के रूप में उभर के आया है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कार्यनिष्पादन ईज़ 5.0 के तहत पाँच विषयों पर मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने चार विषयों यानि “डिजिटल रूप से सक्षम ग्राहक पेशकश”, ‘बिग डाटा और एनालिटिक्स’ ‘आधुनिक तकनीकी क्षमताओं’ और “कर्मचारी विकास एवं गवर्नेंस” के तहत प्रथम स्थान प्राप्त कर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बेंचमार्क स्थापित किया है।
Dainik Aam Sabha