रायपुर
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सरकार को उनके बकाया एरियर का भुगतान 120 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49 के तहत दिया गया है।
यह मामला छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज के प्रांताध्यक्ष चेतन भारती द्वारा 12 अगस्त 2021 को दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने लंबे समय तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर पेंशनरों की समस्याओं से अवगत कराया था। शासन स्तर पर समाधान नहीं मिलने के बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
अदालत ने स्पष्ट की धारा 49 की व्याख्या
न्यायालय ने मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49(6) की व्याख्या करते हुए कहा कि वित्तीय भुगतान को लेकर राज्यों के बीच सहमति की अनिवार्यता पेंशनरों के अधिकारों में बाधा नहीं बन सकती। अदालत ने डॉ. सुरेंद्र नारायण गुप्ता के मामले का हवाला देते हुए छठे और सातवें वेतनमान (7th Pay commission) के एरियर भुगतान का मार्ग प्रशस्त किया।
इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
न्यायालय के फैसले के अनुसार, एक जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 32 माह का एरियर दिया जाएगा। यह एरियर 01 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक की अवधि का होगा।
वहीं, एक जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 27 माह का एरियर मिलेगा, जो 01 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि के लिए निर्धारित किया गया है।
चार माह में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(8) के तहत यह पूरा भुगतान चार माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए। इस फैसले के बाद राज्य के हजारों पेंशनरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Dainik Aam Sabha