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राम भक्ति का संगीतमय अनुष्ठान सुंदरकांड 7 मई को

* अंतरराष्ट्रीय गायक अजय याज्ञिक देंगे प्रस्तुति

* बाबूलाल भगवती सोनी ट्रस्ट का 15 वां प्रतिष्ठा पूर्ण आयोजन

रामकथा ससि किरन समाना।
संत चकोर करहिं जेहि पाना॥

आम सभा,भोपाल।

विश्व प्रसिद्ध संगीतमय सुंदरकांड पाठ के लिए विख्यात पंडित अजय याज्ञिक जी आगामी 7 मई 2023 दिन रविवार को सायंकाल 5:30 बजे से रवींद्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर संगीतमय सुंदरकांड की प्रस्तुति देंगे। यह भोपाल में उनकी 15वीं प्रस्तुति होगी।
बाबूलाल भगवती सोनी ट्रस्ट के सचिव प्रमोद नेमा के अनुसार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबूलाल सोनी की स्मृति में गठित इस ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप सोनी मिलन है। यह ट्रस्ट 15 वर्षों से इस भव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन कराता आ रहा है ।वैसे तो राजधानी के अनेक सुपुत्र अपने पूर्वजों की याद में सम्मान समारोह। धार्मिक आयोजन कराते हैं। परंतु इस आयोजन को प्रथम पंक्ति में गिना जाता है।पंडित अजय याग्निक वर्ष 2005 से संगीतमय प्रस्तुतियां देते आ रहे हैं और भोपाल में यह 18वां वर्ष है।
1957 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रहने वाले गुजराती नागर ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने वाले पंडित अजय याज्ञिक बाल्यकाल से ही धार्मिक रूचि के चलते सुंदरकांड की संगीतमय प्रस्तुति के लिए विश्वविख्यात हो गए।
*प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥*

उन्होंने सन 1977 -78 से नई दिल्ली के एक बड़े मंच पर प्रस्तुति दी। इसके बाद उन्होंने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और दुनिया के 25 देशों में सुंदरकांड की प्रस्तुति देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की। भक्ति, कर्म, ज्ञान, बल, बुद्धि, विवेक, निष्ठा, सेवा, समर्पण, तथा त्याग के संगम मूल स्वरूप श्री हनुमान जी के चरणारविंद में श्री याज्ञिक के समर्पण एवं आस्था का भाव उनके द्वारा प्रस्तुत श्री सुंदरकांड के सुमधुर गायन में स्पष्टता से प्रकट होता है। श्री याज्ञिक ने सुंदरकांड के पारायण एवं गायन की अति विशिष्ट शैली विकसित की है। जिसका श्रवण और अनुशीलन श्रोताओं को भावविभोर कर देता है । वैसे तो पंडित जी के संगीतमय आयोजनों के श्रोताओं की संख्या असंख्य है।
परंतु कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें उनके अनन्य भक्तों में गिना जाता है। हनुमान भक्त और मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के लोकपाल श्री मधुसूदन अत्रे बताते हैं, उन्होंने रामचरितमानस सुंदरकांड आदि को अनेक विद्वानों के श्री मुख से सुना पर याज्ञिक जी को प्रत्यक्ष सुनने का आनंद अद्भुत है । प्रस्तुति के दौरान एक पल भी किसी बात की चिंता नहीं होती। उन्होंने बताया कि श्रोताओं में अनेक विद्वान, वरिष्ठ, राजनीतिज्ञ, आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर, प्रबुद्ध जनों सहित सभी श्रेणी के शहरी तथा ग्रामीण जनों को मुक्ताकाश में सामान्य जन की तरह सुंदरकांण्ड पाठ श्रवण करते देखा है।

नयनन्हि संत दरस नहिं देखा।
लोचन मोरपंख कर लेखा॥

बिनु सत्संग विवेक न होई।
रामकृपा बिनु सुलभ न सोई।।

बाबूलाल भगवती सोनी ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप सोनी मिलन के अनुसार वर्ष 2005 में उन्होंने माता श्रीमती भगवती तथा पिता श्री बाबूलाल सोनी की याद में कुछ करने का विचार आया और वर्ष 2006 में पंडित अजय याज्ञिक जी के द्वारा भोपाल की सेंट्रल जेल में हुए सुंदरकांड के आयोजन में इस ट्रस्ट का गठन किया गया । विगत 14 वर्षों से रविंद्र भवन में उनकी प्रस्तुति जारी है । कोरोना काल के 2 वर्षों में यह आयोजन सार्वजनिक रूप से नहीं हो पाया ,पर ट्रस्ट ने परिजनों के साथ अजय याज्ञिक जी के नई दिल्ली स्थित निवास से लाइव रिकॉर्डिंग द्वारा कार्यक्रम टीवी पर चला कर इसकी अनवरतता जारी रखी। इसलिए यह 15 वहां साल होगा। ट्रस्ट के पदाधिकारियों में सचिव प्रमोद नेमा, संरक्षक कृष्ण मोहन सोनी मुनन व रमेश शर्मा गुट्टुभैया उपाध्यक्ष गोविंद बंसल, राजेश निखरा, प्रभात सोनी, कोषाध्यक्ष अमित सोनी एवं प्रवक्ता अंशुल जैन और निहाल साहू सोनू हैं ।
सभी ट्रस्टी तन-मन-धन श्रद्धा से आयोजनों को सफल बनाने में सक्रिय हैं।खासतौर से मीडिया जगत , श्रद्धालु, शासन, प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, बिजली कंपनी आदि विभागों का व्यक्तिगत सक्रिय सहयोग सराहनीय है|अब तक के आयोजनों में भोपाल आसपास के जिलों के भक्तगण ग्रामीण आदि आते रहे हैं और इनकी संख्या क्रमशः बढ़ती जा रही है। बाबूलालभगवती सोनी ट्रस्ट Taal इस भव्य संगीतमय राम भक्ति के संगीतमय अनुष्ठान में धर्म लाभ लेकर सफल बनाने की अपील की।

जपहिं नामु जन आरत भारी।
मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी॥

राम भगत जग चारि प्रकारा।
सुकृती चारिउ अनघ उदारा॥

रामहि केवल प्रेमु पिआरा। जानि लेउ जो जान निहारा॥

जेहि बिधि नाथ होइ हित मोरा।
करहु सो बेगि दास मैं तोरा॥ भक्ति का संगीतमय अनुष्ठान सुंदरकांड 7 मई को

* अंतरराष्ट्रीय गायक अजय याज्ञिक देंगे प्रस्तुति

* बाबूलाल भगवती सोनी ट्रस्ट का 15 वां प्रतिष्ठा पूर्ण आयोजन

रामकथा ससि किरन समाना।
संत चकोर करहिं जेहि पाना॥

*आम सभा*,भोपाल। विश्व प्रसिद्ध संगीतमय सुंदरकांड पाठ के लिए विख्यात पंडित अजय याज्ञिक जी आगामी 7 मई 2023 दिन रविवार को सायंकाल 5:30 बजे से रवींद्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर संगीतमय सुंदरकांड की प्रस्तुति देंगे। यह भोपाल में उनकी 15वीं प्रस्तुति होगी।
बाबूलाल भगवती सोनी ट्रस्ट के सचिव प्रमोद नेमा के अनुसार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबूलाल सोनी की स्मृति में गठित इस ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप सोनी मिलन है। यह ट्रस्ट 15 वर्षों से इस भव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन कराता आ रहा है ।वैसे तो राजधानी के अनेक सुपुत्र अपने पूर्वजों की याद में सम्मान समारोह। धार्मिक आयोजन कराते हैं। परंतु इस आयोजन को प्रथम पंक्ति में गिना जाता है।पंडित अजय याग्निक वर्ष 2005 से संगीतमय प्रस्तुतियां देते आ रहे हैं और भोपाल में यह 18वां वर्ष है।
1957 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रहने वाले गुजराती नागर ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने वाले पंडित अजय याज्ञिक बाल्यकाल से ही धार्मिक रूचि के चलते सुंदरकांड की संगीतमय प्रस्तुति के लिए विश्वविख्यात हो गए।
*प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥*

उन्होंने सन 1977 -78 से नई दिल्ली के एक बड़े मंच पर प्रस्तुति दी। इसके बाद उन्होंने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और दुनिया के 25 देशों में सुंदरकांड की प्रस्तुति देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की। भक्ति, कर्म, ज्ञान, बल, बुद्धि, विवेक, निष्ठा, सेवा, समर्पण, तथा त्याग के संगम मूल स्वरूप श्री हनुमान जी के चरणारविंद में श्री याज्ञिक के समर्पण एवं आस्था का भाव उनके द्वारा प्रस्तुत श्री सुंदरकांड के सुमधुर गायन में स्पष्टता से प्रकट होता है। श्री याज्ञिक ने सुंदरकांड के पारायण एवं गायन की अति विशिष्ट शैली विकसित की है। जिसका श्रवण और अनुशीलन श्रोताओं को भावविभोर कर देता है । वैसे तो पंडित जी के संगीतमय आयोजनों के श्रोताओं की संख्या असंख्य है।
परंतु कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें उनके अनन्य भक्तों में गिना जाता है। हनुमान भक्त और मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के लोकपाल श्री मधुसूदन अत्रे बताते हैं, उन्होंने रामचरितमानस सुंदरकांड आदि को अनेक विद्वानों के श्री मुख से सुना पर याज्ञिक जी को प्रत्यक्ष सुनने का आनंद अद्भुत है । प्रस्तुति के दौरान एक पल भी किसी बात की चिंता नहीं होती। उन्होंने बताया कि श्रोताओं में अनेक विद्वान, वरिष्ठ, राजनीतिज्ञ, आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर, प्रबुद्ध जनों सहित सभी श्रेणी के शहरी तथा ग्रामीण जनों को मुक्ताकाश में सामान्य जन की तरह सुंदरकांण्ड पाठ श्रवण करते देखा है।

नयनन्हि संत दरस नहिं देखा।
लोचन मोरपंख कर लेखा॥

बिनु सत्संग विवेक न होई।
रामकृपा बिनु सुलभ न सोई।।

बाबूलाल भगवती सोनी ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप सोनी मिलन के अनुसार वर्ष 2005 में उन्होंने माता श्रीमती भगवती तथा पिता श्री बाबूलाल सोनी की याद में कुछ करने का विचार आया और वर्ष 2006 में पंडित अजय याज्ञिक जी के द्वारा भोपाल की सेंट्रल जेल में हुए सुंदरकांड के आयोजन में इस ट्रस्ट का गठन किया गया । विगत 14 वर्षों से रविंद्र भवन में उनकी प्रस्तुति जारी है । कोरोना काल के 2 वर्षों में यह आयोजन सार्वजनिक रूप से नहीं हो पाया ,पर ट्रस्ट ने परिजनों के साथ अजय याज्ञिक जी के नई दिल्ली स्थित निवास से लाइव रिकॉर्डिंग द्वारा कार्यक्रम टीवी पर चला कर इसकी अनवरतता जारी रखी। इसलिए यह 15 वहां साल होगा। ट्रस्ट के पदाधिकारियों में सचिव प्रमोद नेमा, संरक्षक कृष्ण मोहन सोनी मुनन व रमेश शर्मा गुट्टुभैया उपाध्यक्ष गोविंद बंसल, राजेश निखरा, प्रभात सोनी, कोषाध्यक्ष अमित सोनी एवं प्रवक्ता अंशुल जैन और निहाल साहू सोनू हैं ।
सभी ट्रस्टी तन-मन-धन श्रद्धा से आयोजनों को सफल बनाने में सक्रिय हैं।खासतौर से मीडिया जगत , श्रद्धालु, शासन, प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, बिजली कंपनी आदि विभागों का व्यक्तिगत सक्रिय सहयोग सराहनीय है|अब तक के आयोजनों में भोपाल आसपास के जिलों के भक्तगण ग्रामीण आदि आते रहे हैं और इनकी संख्या क्रमशः बढ़ती जा रही है। बाबूलालभगवती सोनी ट्रस्ट Taal इस भव्य संगीतमय राम भक्ति के संगीतमय अनुष्ठान में धर्म लाभ लेकर सफल बनाने की अपील की।

जपहिं नामु जन आरत भारी।
मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी॥

राम भगत जग चारि प्रकारा।
सुकृती चारिउ अनघ उदारा॥

रामहि केवल प्रेमु पिआरा। जानि लेउ जो जान निहारा॥

जेहि बिधि नाथ होइ हित मोरा।
करहु सो बेगि दास मैं तोरा॥

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