जनकपुरी (पश्चिम दिल्ली)
इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार की टक्कर से ई-रिक्शा पलट गया, जिससे उसमें सवार छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी नानी घायल हो गईं। पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी की सुबह माता चानन देवी अस्पताल से पीसीआर को सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़की समेत दो लोग सड़क दुर्घटना में घायल हुए हैं। हादसे में बच्ची और उसकी नानी मर्सी जेवियर (57) को पहले माता चानन देवी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें द्वारका स्थित एक उन्नत चिकित्सा केंद्र में रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान बच्ची ने तोड़ा दम
अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मर्सी जेवियर (57) ने पुलिस को बताया कि 17 फरवरी को सुबह करीब 7:40 बजे वह अपनी नातिन के साथ ई-रिक्शा में यात्रा कर रही थीं। जब उनका ई-रिक्शा जनकपुरी दमकल केंद्र के पास पहुंचा, तभी एक कार से टकराकर पलट गया। हादसे के बाद दोनों सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों और कार चालक की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
जनकपुरी थाने में मामला दर्ज
जनकपुरी (पश्चिम दिल्ली) में हुए दर्दनाक ई-रिक्शा हादसे में घायल मर्सी जेवियर का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच के आधार पर जनकपुरी थाना में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान संजीव के रूप में हुई है और उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस गवाहों के बयान दर्ज कर रही है तथा घटनाक्रम को स्पष्ट करने के लिए जनकपुरी दमकल केंद्र और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इस घातक हादसे ने शहर में बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में दो लाख से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मदद मांगी तो तुरंत कार लेकर भाग गया- मृतक की मां
दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली 6 वर्षीय बच्ची प्रेक्षेल की मां और नानी ने घटना की भयावह आपबीती बताई है। बच्ची की नानी ने बताया कि वे घर से स्कूल जाने के लिए निकली थीं और एक 16 वर्षीय ई-रिक्शा चालक उन्हें छोड़ने जा रहा था। रिक्शा सामान्य गति से चल रहा था, तभी अचानक एक तेज रफ्तार सफेद कार ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ई-रिक्शा पलट गया और बच्ची, नानी तथा चालक तीनों सड़क पर गिर पड़े। उन्होंने बताया कि बच्ची जमीन पर गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। नानी को भी चोट आई, जिससे वह उठ नहीं पा रही थीं। उन्होंने पास खड़ी सफेद कार से मदद मांगी और बच्चे को अस्पताल ले चलने को कहा, लेकिन चालक वहां से कार लेकर भाग गया।
बच्ची की मां सौम्या ने बताया कि वह मैक्स हॉस्पिटल द्वारका में नर्स हैं। नाइट ड्यूटी खत्म कर लौट रहे अस्पताल स्टाफ ने उन्हें हादसे की सूचना दी और बताया कि एक ई-रिक्शा पलटा हुआ है तथा एक महिला मदद मांग रही है। उन्होंने कहा कि कई गाड़ियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। सौम्या के अनुसार, उनकी मां को यह नहीं पता था कि जिस कार से उन्होंने मदद मांगी, वही वाहन टक्कर मारने वाला था। मदद मांगने पर चालक मौके से फरार हो गया। यह हादसा 17 फरवरी की सुबह करीब 7:45 बजे हुआ। परिवार का कहना है कि उन्हें पुलिस की FIR की प्रति मिली है, लेकिन उन्होंने अभी उस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। मामले की जांच जारी है।
सरकार को हार्श ड्राइविंग पर कंट्रोल करना चाहिए- मृतक की नानी
प्रेक्षेल की नानी ने सड़क सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है और अब सड़कों पर निकलने से भी डर लगने लगा है। नानी ने बताया कि उनका बेटा जर्मनी से आया हुआ है। हादसे के बारे में सुनकर उसने कहा कि वहां यातायात नियमों का सख्ती से पालन होता है और वाहन अनुशासन में चलते हैं, जबकि यहां लोग लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि “वह जर्मनी है, लेकिन दिल्ली में कोई नियंत्रण नहीं है, यहां कभी भी किसी की मौत हो सकती है।”
उन्होंने सरकार से मांग की कि तेज और लापरवाह ड्राइविंग पर सख्त नियंत्रण किया जाए, ताकि निर्दोष लोगों की जान न जाए। उनका कहना था कि “जो व्यक्ति तेज गाड़ी चला रहा है, वह अपने साथ दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डालता है।” परिवार ने बताया कि बच्ची का अंतिम संस्कार कर वे लौटे हैं, लेकिन गम और डर अभी भी बना हुआ है। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ई-रिक्शा की वास्तविक संख्या काफी अधिक
दिल्ली में हुए दर्दनाक हादसे के बाद सड़कों पर चल रहे ई-रिक्शा की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रवर्तन एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, शहर में चलने वाले ई-रिक्शा की वास्तविक संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि कई वाहन बिना उचित पंजीकरण या सुरक्षा मानकों का पालन किए सड़कों पर दौड़ रहे हैं। एक पुलिस सूत्र ने बताया कि बड़ी संख्या में ई-रिक्शा भीड़भाड़ वाले आवासीय और बाजार क्षेत्रों में चलते हैं, जहां अक्सर यातायात नियमों का पालन नहीं किया जाता। कई मामलों में वाहन क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जाता है या सीमित प्रशिक्षण वाले चालक इन्हें चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
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