Sunday , January 11 2026
ताज़ा खबर
होम / राज्य / मध्य प्रदेश / एमपी में 36 हजार करोड़ से बनेंगे 6 एक्सप्रेसवे और प्रगतिपथ, जून 2028 तक पूरा होगा निर्माण

एमपी में 36 हजार करोड़ से बनेंगे 6 एक्सप्रेसवे और प्रगतिपथ, जून 2028 तक पूरा होगा निर्माण

भोपाल 

 मध्यप्रदेश में आने वाले समय में छह प्रमुख एक्सप्रेस वे और प्रगतिपथ का निर्माण किया जाएगा। 36 हजार 483 करोड़ रुपए से इनका निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण से आने वाले समय में शहरों के बीच की दूरियां घटेंगी और आवागमन का समय कम हो जाएगा। बढ़ते यातायात से भी निजात मिलेगी। इन सभी परियोजनाओं का निर्माण जून 2028 तक किया जाएगा। प्रदेश में 3368 किलोमीटर लंबी इन विकास पथ और एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा।

  •     विंध्य में 676 किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर 3809 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह एक्सप्रेस वे जून 2028 तक पूरा होगा।
  •     नर्मदा प्रगतिपथ 867 किलोमीटर लंबाई में बनेगा। इसके निर्माण पर 5299 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। नर्मदा प्रगतिपथ को जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया है।
  •     मालवा-निमाड़ विकासपथ साढ़े चार सौ किलोमीटर लंबाई का होगा और इसके निर्माण पर 7972 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसे दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
  •     अटल प्रगतिपथ 12 हजार 227 करोड़ रुपए खर्च कर 299 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में तैयार किया जाएगा। इसका काम शुरु हो गया है और इसे शीघ्रता से पूरा किया जाएगा।
  •     बुंदेलखंड विकासपथ में 330 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण 3357 करोड़ से किया जाएगा। इसे जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
  •     मध्य भारत विकास पथ के निर्माण पर 3819 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें 746 किलोमीटर लंबी सड़क तैयार की जाएगी। इसका निर्माण जून 2028 तक पूरा होगा।

कम होगा यातायात का दबाव

इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में तेज, सुरक्षित और आधुनिक कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी साथ ही औद्योगिक, कृषि और सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिल सकेगी। लंबी-चौड़ी सड़कों के निर्माण से यातायात का दबाव कम होगा। कई गांव और शहरों को जोड़कर उनके बीच लगने वाली दूरियां कम की जाएंगी। सड़कों की कनेक्टिविटी से प्रदेश में औद्योगिक विकास तेजी से होगा। निवेशक रुचि लेंगे और नई औद्योगिक परियोजनाओं का भी इन एक्सप्रेस वे के आसपास शुरु किया जा सकेगा जिससे पर्याप्त मात्रा में रोजगार भी मिलेगा और निवेश भी बढ़ेगा।