
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन का असर आज संसद में भी दिखाई दिया। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने राज्यसभा में किसानों के मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन राज्यसभा चेयरमैन ने आज चर्चा से इनकार कर दिया जिसके बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। बाद में विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में जमकर नारेबाजी की, सरकार मुर्दाबाद के नारों के साथ ही किसान विरोधी काले कानून वापस लेने की गूंज संसद में सुनाई दी।
सदन में विपक्ष की नारेबाजी के चलते राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 10.30 बजे तक के लिए स्थगित भी की गई। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुखेन्द्र शेखर राय की तरफ से किसान आंदोलन का जिक्र किया गया और इसपर राज्यसभा में चर्चा की मांग की। आरजेडी नेता मनोज कुमार झा ने भी किसानों के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रे और डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राज्यसभा में सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया है।
राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान जब किसानों का जिक्र आया तो उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि किसानों, उनके आंदोलन के मसले पर चर्चा होगी लेकिन वह आज नहीं कल यानी बुधवार को होगी। इसके बाद कुछ देर तक हंगामा भी हुआ।
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