भोपाल
नई रेलवे लाइन परियोजना के तहत पश्चिम मध्य रेलवे ने एक अहम कदम उठाते हुए करीब 4 करोड़ 24 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन और अधिक सुरक्षित, तेज और सुचारु हो सकेगा।
आधुनिक तकनीक वाले उपकरण लगने से बिजली आपूर्ति से जुड़ी खराबियों का तुरंत पता लगाया जा सकेगा, जिससे ट्रेनों की देरी कम होगी और यात्रियों को अधिक भरोसेमंद रेल सेवा मिल सकेगी।
हाई-टेक निगरानी और आटोमेटिक फाल्ट लोकेटर सिस्टम
पश्चिम मध्य रेलवे के निर्माण विभाग के अनुसार यह निविदा आरआरएम-बीपीएल नई ब्रॉडगेज लाइन परियोजना के तहत जारी की गई है। इसके अंतर्गत भोपाल और कोटा मंडल के आरआरएम-बीपीएल सेक्शन में रेलवे के 2×25 केवी एसी ट्रैक्शन सिस्टम से जुड़े उपकरण लगाए जाएंगे।
परियोजना के तहत एसपी, एसएसपी और टीएसएस स्टेशनों पर आटोमेटिक फाल्ट लोकेटर की आपूर्ति, इंस्टालेशन, टेस्टिंग और उसे चालू करने का कार्य किया जाएगा। यह सिस्टम विद्युत आपूर्ति में आने वाली खराबी का तुरंत पता लगाने में मदद करेगा।
12 महीने में पूरा होगा काम, यात्रियों को मिलेगा लाभ
इस काम की अनुमानित लागत करीब 4.24 करोड़ रुपये रखी गई है और इसे 12 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद रेलवे की विद्युत व्यवस्था अधिक मजबूत होगी और ट्रेनों के संचालन में तकनीकी बाधाएं कम होंगी।
इससे भोपाल सहित इस रूट से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और बेहतर रेल सेवा का लाभ मिलेगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल
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