भोपाल
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने उमरिया जिले के ग्राम लोधा की सुप्रसिद्ध बैगा चित्रकार पद्मश्री जोधइया बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जोधइया बाई ने अपनी विशिष्ट कला और अद्भुत कौशल से न केवल बैगा जनजातीय संस्कृति को संरक्षित किया, बल्कि उसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाकर भारत की सांस्कृतिक धरोहर को गौरवान्वित किया।
मंत्री श्रीमती उइके ने कहा, "पद्मश्री जोधइया बाई की कलाकृतियां जनजातीय जीवन की गहराइयों और हमारी सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय चित्रण करती हैं। उनके कार्यों ने न केवल हमारी परंपराओं को संरक्षित किया, बल्कि उन्हें एक नई ऊर्जा और पहचान भी दी। उनका योगदान हमारी सांस्कृतिक धरोहर के लिए मील का पत्थर है और यह सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।"
मंत्री श्रीमती उइके ने जोधइया बाई को एक सशक्त सांस्कृतिक प्रतीक बताते हुए कहा कि उन्होंने जनजातीय जीवन की सौंदर्य शास्त्र को अपनी कला में संजोया और इसे पूरे विश्व के सामने प्रस्तुत किया। उनकी यह विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
श्रीमती उइके ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दें।
Dainik Aam Sabha