Wednesday , February 11 2026
ताज़ा खबर
होम / राज्य / मध्य प्रदेश / मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निबटने की तैयारी शुरू

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निबटने की तैयारी शुरू

भोपाल : मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने सोमवार को बताया कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका को देखते हुये प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 360 बिस्तर के बच्चों के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) की व्यवस्था की जा रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हाल ही में देश में कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर की चेतावनी दी है और कहा है कि यह बच्चों को भी अपनी चपेट में ले सकता है। विश्वास सारंग द्वारा रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं उनके कोविड अस्पतालों के चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ मंथन एवं विमर्श कर कोरोना की तीसरी लहर की रोकथाम एवं उपचार के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई।

‘‘कोरोना की तीसरी लहर में नवजात शिशुओं एवं बच्चों के संक्रमित होने की आशंका को देखते हुये प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 360 बिस्तर के बच्चों के आइसीयू की व्यवस्था की जा रही है।” उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 50 बिस्तर का बच्चों का आइसीयू तैयार किया जाएगा। सारंग ने कोरोना वायरस संक्रमण में नवजात शिशु एवं बच्चों के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयां, इंजेक्शन आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 1000 ऑक्सीजन सांद्रक स्थापित किए जाएंगे। सारंग ने बताया कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर में कोविड मरीजों की संख्या में वृद्धि की पूर्व तैयारी हेतु प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पतालों की वर्तमान अधोसंरचना में ही ऑक्सीजन बिस्तर तथा आइसीयू/एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट्स) बिस्तर की वृद्धि किए जाने के निर्देश प्रदान किये।

वर्तमान में प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में प्रथम चरण में 1267 बिस्तर की वृद्धि की जाएगी जिसमे 767 आइसीयू/एचडीयू बिस्तर की वृद्धि की जाएगी। उन्होंने उक्त बिस्तर वृद्धि करने के लिए आवश्यक उपकरण, संयंत्र एवं अन्य सामग्री की तत्काल खरीद करने के निर्देश भी दिए। सारंग ने बताया कि कोविड बिस्तर वृद्धि हेतु जो भी राशि की आवश्यकता होगी, वह सभी मेडिकल कॉलेजों को उपलब्ध कराई जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)