
हाल ही में कुछ न्यूज़ पोर्टल में खबर देखी की इंदौर के किसी व्यक्ति द्वारा श्री कुबरेश्वर धाम, सीहोर एवं प्रशासन के विरुद्ध एक करोड़ का दावा किया जा रहा है तथा जिसके लिए कानूनी तौर पर नोटिस भेजे जाने का उल्लेख किया जा रहा है।
1. यह कि सीहोर पुलिस प्रशासन द्वारा 10 फरवरी 2023 को ही प्रेस के माध्यम से आमजन को सूचित कर दिया था कि 16 से 22 फरवरी 2023 तक कथा एवम् रुद्राक्ष वितरण आयोजन के कारण इंदौर सीहोर भोपाल को जाने वाले भारी वाहनों को देवास से वाया श्यामपुर होते हुए भोपाल आने की एडवाइजरी जारी की गई थी। तथा 15 तारीख की शाम ही देवास मार्ग पर पुलिस बेरीकेट्स भी लगाए गए थे। ऐसे में एहतियात को नजरंदाज करते हुए डाइवर्ट मार्ग से ना जाकर सीहोर मार्ग से जाना कहां से तर्कसंगत प्रतीत होता है।
2. यह की आयोजन स्थल पर आयोजन दिनांक से एक दिवस पहले ही सीहोर के आसपास ट्रैफिक जाम लगना शुरू हो गया था एवम् इससे संबंधित खबरें भी इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने लगी थीं, जो कि सूचना के रूप में उक्त मार्ग से नहीं जाने के लिए पर्याप्त कारण था।
3. यह कि उक्त खबर में उल्लेख है कि शिकायतकर्ता किसी मामले की सुनवाई के लिए भोपाल आने के लिए निकले थे परन्तु देर होने के चलते नहीं पहुंच सके। प्रश्न यह है कि ऐसे में माननीय न्यायालय से पक्षकार के अधिवक्ता द्वारा कारण बताकर अगली तारीख ली जा सकती थी और ऐसा किया गया होगा ये मेरा अनुमान भी है तो इसमें एक करोड़ की क्या हानि हो गई, ये फिलहाल तो समझ से परे बात है।
4. यह की यातायात व्यवस्था के लिए श्री कुबेरेश्वर धाम मंदिर, सीहोर को अथवा पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी को दोषी ठहराना कितना न्यायोचित है। हालाकि इस बिंदु पर विस्तृत बात हमारे द्वारा नोटिस का अध्ययन करने के उपरांत की जाएगी।
अतः यह स्पष्ट है कि प्रथम दृष्टया यह दावा कानूनी रूप से कमजोर तथा आधारहीन प्रतीत हो रहा है। तथा इस मामले में नोटिस की प्रति का समुचित अध्ययन करने तथा पंडित प्रदीप मिश्रा जी ( गुरुजी) से अनुमति के उपरांत न्यायोचित समस्त प्रतिवाद किया जाएगा। तथा मेरे द्वारा इस मामले में अधिवक्ता की फीस के रूप में आशीर्वाद स्वरूप एक रुद्राक्ष मात्र शेष निशुल्क लिया जाएगा।
– नरेंद्र शर्मा
अधिवक्ता एवं कुबरेश्वर धाम भक्त
Dainik Aam Sabha