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मप्र मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष मनोहर ममतानी ने ’तीन मामलों में संज्ञान’ लेकर संबंधितों से जवाब मांगा

*एक रूम में तीन क्लास, ढहने की कगार पर लैब

आम सभा,भोपाल।

जबलपुर जिले में बरगी रोड़ स्थित शासकीय कैलवास हायर सेकेण्डरी स्कल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बैठने तक की जगह नहीं है। यह स्कूल बेहद दयनीय हालत में है। यहां 450 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहां एक रूम में तीन क्लास लगाई जाती है। स्कूल की लैब ढहने की कगार पर आ गई है। यहां बाउण्ड्री वाॅल तो बन गई है, परन्तु स्वास्थ्य विभाग के हिसाब से अभी भी स्कूल में प्रवेश का रास्ता खुला हुआ है। जिससे आवारा तत्व रात में स्कूल में जमे रहते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कहते है कि नया स्कूल भवन भोपाल से ही स्वीकृत होगा, तभी बनेगा। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने प्रमुख सचिव, मप्र शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय, भोपाल तथा संचालक, स्कूल शिक्षा/लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर वर्ष 2013 से इस विद्यालय की परिस्थितियों में तात्कालिक परिवर्तन होने के बाद भी अब तक इस विद्यालय के छात्रों को प्राप्त शिक्षा पाने के मौलिक अधिकार को उचित संरक्षण प्राप्त न होने से उन्हें हो रही असुविधा के निवारण के संबंध में की गई कार्यवाही के बारे में दो माह में जवाब/प्रतिवेदन मांगा है।

*मानसिक विक्षिप्तों का ठिकाना बन कर रह गये हैं लावारिस पड़े मेट्रो बस स्टाॅप*

जबलपुर शहर में एक-दो नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में मानसिक विक्षिप्त हैं। इनके तन पर कपड़े तक नहीं रहते हैं। ऐसा ही एक मानसिक विक्षिप्त दादा वीरेन्द्र पुरी वार्ड अंतर्गत देवताल हितकारिणी स्कूल के पास स्थित बस स्टाॅप के समीप पिछले कुछ दिनों से डेरा डाले हुये है। आधुनिक कहे जाने वाले इस बस स्टाॅप में महिला व पुरूष प्रसाधन बनाये गये हैं। यहां इतनी गंदगी है कि गुजरना तक मुश्किल है। ऐसी सड़ांध मारती गंदगी के बीच यह मानसिक विक्षिप्त पूर्णतः नग्न अवस्था में बीते कई दिनों से डेरा डाले हुये है। लोगों का कहना है ऐसे बस स्टाॅप्स पर आये दिन कोई न कोई विक्षिप्त या भिक्षुक डेरा डाले ही रहते हैं। सरकारी नुमाइंदे यह देखकर भी अनजान बने रहते हैं। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, जबलपुर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

*ट्रायसिकल दिलाने मां को पीठ में लेकर दस किमी दूर मंत्री बंगला पहुंचा युवक, निराश लौटा*

मप्र मानव अधिकार आयोग ने ग्वालियर शहर की एक मार्मिक खबर पर संज्ञान लिया है। खबर के अनुसार अपनी वृद्ध माता को ट्रायसिकल दिलाने के लिये एक बेटा तपती दोपहरी में मां को पीठ में उठाकर दस किमी पैदल चलकर ग्वालियर शहर में रहने वाले एक केंद्रीय मंत्री के बंगले पर पहुंचा। सागरताल में रहने वाले कालीचरण पाण्डेय जब केंद्रीय मंत्री के बंगले पर पहुंचे, तब मंत्री बंगले पर नहीं थे। कालीचरण निराश होकर घर लौट गया। कालीचरण ठेला किराये पर लेकर मूंगफली बेचते हैं। लेकिन बीते कुछ दिनों से उस पर 900 रू की उधारी हो जाने के कारण उसका यह काम भी बंद हो गया है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर ग्वालियर से प्रकरण की जांच कराकर दिव्यांगजन सशक्तिकरण के उद्देश्‍य की पूर्ति हेतु की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

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