यरूशलम.
इजरायल के यरूशलम के पास स्थित बेट शेमेश शहर में शनिवार देर रात एक भीषण विस्फोट हुआ। इस धमाके ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर इसके जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, वे बेहद डराने वाले हैं। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि आसमान में कई मील दूर तक आग का एक विशाल गोला और मशरूम क्लाउड बनता दिखाई दिया।
यह धमाका इजरायल की सरकारी डिफेंस कंपनी 'तोमर' के टेस्टिंग ग्राउंड में हुआ है, जो इजरायल के बेहद सीक्रेट रॉकेट और मिसाइल इंजन बनाती है। इजरायली प्रशासन इसे 'पहले से तय एक्सपेरिमेंट' बता रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय डिफेंस एक्सपर्ट्स इस थ्योरी को पचा नहीं पा रहे हैं।
रात के 12:30 बजे कौन करता है प्री-प्लान टेस्ट?
अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) के पूर्व विश्लेषक लैरी जॉनसन ने इजरायल के आधिकारिक दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक्स पर मारियो नॉफाल को दिए एक इंटरव्यू में जॉनसन ने तीन अहम बातें कहीं, जो इजरायली दावे को संदिग्ध बनाती हैं। धमाके के तुरंत बाद एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को उस संवेदनशील इलाके में जाने से रोक दिया गया। अगर यह सामान्य टेस्ट था, तो रेस्क्यू टीमों को क्यों रोका गया?
यह धमाका शनिवार की आधी रात (12:30 AM) को हुआ। इजरायल में शनिवार के दिन कोई भी रूटीन या सरकारी काम नहीं किया जाता है, जब तक कि वह कोई बेहद जरूरी सैन्य ऑपरेशन न हो। आधी रात को बिना किसी पूर्व चेतावनी के कोई देश अपनी आबादी के पास ऐसा खतरनाक ब्लास्ट नहीं करता। जॉनसन के मुताबिक, इस घटना के पीछे के सभी परिदृश्य इशारा कर रहे हैं कि मिडिल ईस्ट में एक बड़ा युद्ध बेहद करीब है और यह पूरी दुनिया के लिए बहुत बुरा संकेत है।
क्या तबाह हो गई इजरायल की सबसे घातक मिसाइल बैटरी?
इब्रानी (Hebrew) मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि धमाके का असर पास के 'सदोट मीचा' (Sdot Micha) एयरबेस तक भी हो सकता है, जो इजरायल का सबसे संवेदनशील मिसाइल ठिकाना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस विस्फोट में इजरायल के सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम 'एरो-3' (Arrow-3) का एक बड़ा स्टॉक तबाह हो गया है। एरो-3 अंतरिक्ष की सीमा पर ही दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रॉकेट मोटरों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले 'सोडियम परक्लोरेट' केमिकल के स्टॉक में लापरवाही की वजह से आग लगी, जो इस महाविस्फोट में बदल गई। अगर दावों में सच्चाई है, तो इजरायल की दो प्रमुख एरो-3 बैटरियों में से एक को भारी नुकसान पहुंचा है।
2021 की घटना की यादें हुई ताजा
लैरी जॉनसन ने याद दिलाया कि अप्रैल 2021 में भी इसी तोमर डिफेंस फैसिलिटी में ठीक ऐसा ही एक 'रहस्यमयी' धमाका हुआ था, जिसे तब भी इजरायल ने एक रुटीन टेस्ट बताया था। वीडियो में दिख रहा मशरूम क्लाउड इतना बड़ा था कि शुरुआत में चश्मदीदों को लगा कि यह कोई टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन का धमाका है।
इजरायली सरकार अपने दावे पर कायम
तमाम अटकलों और सोशल मीडिया पर चल रही दावों के बीच, इजरायली रक्षा मंत्रालय और तोमर कंपनी अपने रुख पर अडिग हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह एक नियंत्रित और तयशुदा प्रयोग था, इसमें किसी बाहरी ताकत का हाथ नहीं है। इस घटना में किसी के हताहत होने या सुरक्षा में सेंधमारी की खबर नहीं है।
Dainik Aam Sabha