ढाका
बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले बांग्लादेश की एक अदालत ने सोमवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को सरकारी आवास परियोजना में भूमि आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़े दो अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों में 10 साल की जेल की सजा सुनाई। ढाका विशेष न्यायाधीश न्यायालय-4 के न्यायाधीश रबीउल आलम ने फैसला सुनाते हुए हसीना को कुल 10 साल की कैद की सजा दी। प्रत्येक मामले में 5-5 साल की सजा सुनाई गई।
खबर के अनुसार, अदालत ने 78 वर्षीय शेख हसीना, उनके भतीजे रादवान मुजीब सिद्दीक (रादवान मुजीब सिद्दीक बॉबी), भतीजियों ट्यूलिप रिजवाना सिद्दीक (ब्रिटिश सांसद) और अजमीना सिद्दीक तथा अन्य को पुरबाचोल (पुर्बाचल) में राजुक न्यू टाउन प्रोजेक्ट के तहत भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताओं के मामलों में सजा सुनाई है। ट्यूलिप सिद्दीक को कुल 4 साल की कैद की सजा सुनाई गई (प्रत्येक मामले में 2 साल), जबकि रादवान मुजीब सिद्दीक और अजमीना सिद्दीक को दोनों मामलों में 7-7 साल की कैद की सजा दी गई।
वहीं कोर्ट में अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने वाले एकमात्र आरोपी मोहम्मद खुर्शीद आलम को प्रत्येक मामले में एक-एक साल की कैद की सजा सुनाई गई है। यानी कुल मिलाकर 2 साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने सभी दोषियों पर एक लाख टका (बांग्लादेशी मुद्रा) का जुर्माना भी लगाया और जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त 6 महीने की जेल की सजा काटने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि शेख हसीना पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद देश छोड़कर भारत में शरण लिए हुए हैं। उन्हें पहले अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एसीसी) ने 20 कठा भूखंडों के आवंटन में कथित रूप से सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में ये मामले दर्ज किए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने आवंटन प्रक्रिया में हेराफेरी की और राजधानी उन्नयन कर्तृपक्ष के मौजूदा नियमों व विनियमों का उल्लंघन किया था।
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