Saturday , July 13 2024
ताज़ा खबर
होम / देश / लोकसभा चुनाव 2019: हरियाणा में 10 सीटें, तीन बड़े चुनावी मुद्दे- मोदी, जाट और नौकरियां

लोकसभा चुनाव 2019: हरियाणा में 10 सीटें, तीन बड़े चुनावी मुद्दे- मोदी, जाट और नौकरियां

चंडीगढ़
हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों पर रविवार को छठे चरण में मतदान होगा। इस चुनावी राज्‍य में इन दिनों तीन मुद्दे सबसे ज्‍यादा गरम हैं। ये हैं-मोदी, जाट और नौकरियां। बुधवार को सैनिकों की बहुलता वाले राज्‍य हरियाणा के फतेहाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सुरक्षा के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा और कहा कि देश अपनी सुरक्षा को मजबूत किए बिना कैसे वर्ल्‍ड पावर बन पाएगा। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस या महागठबंधन के नेता देश की रक्षा के मुद्दे पर बात करने से बच रहे हैं।

हरियाणा के बारे में कहा जाता है कि यहां पर 36 बिरादरी शांतिपूर्ण तरीके से एकसाथ रहती हैं लेकिन जाटों के हिंसक प्रदर्शन के बाद यहां स्थिति अब बदल गई है। चुनाव से पहले एक नया शब्‍द गढ़ा गया है 35+1 (35 अगल-अलग समुदाय+ जाट समुदाय)। हरियाणा की कुल आबादी का 27 फीसदी हिस्‍सा जाट हैं। जाट राज्‍य की राजनीति में बेहद प्रभावशाली हैं। हालांकि हाल ही में जाटों और गैर जाटों में हालिया दरार ने सामाजिक ताने-बाने और राजनीतिक परिदृश्‍य को पूरी तरह से बदल दिया है। इस बार के संसदीय चुनाव हरियाणा के लिए महत्‍वपूर्ण हैं क्‍योंकि इससे यह पता चलेगा कि इस साल अक्‍टूबर में होने वाले हरियाणा चुनाव में कौन जीत सकता है। आइए जानते हैं कि क्‍या हैं इस राज्‍य के प्रमुख मुद्दे….

सोशल इंजिनियरिंग 
हरियाणा की राजनीति में जाट वोटों के लिए परंपरागत तौर पर कांग्रेस और आईएनएलडी के बीच लड़ाई रही है। हालांकि वर्ष 2014 में यह परिदृश्‍य बदल गया जब बीजेपी ने एक नई सोशल इंजिनियरिंग को बढ़ावा दिया और गैर-जाट पंजाबी वोटों पर अपना ध्‍यान केंद्रित किया। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 10 में से सात सीट जीतकर बीजेपी ने बहुत चालाकी से जाट नेताओं के सामने पंजाबी उम्‍मीदवारों को टिकट दिया।

बीजेपी ने 90 में से 47 सीटों पर जीत हासिल की। इस बढ़त का लाभ उठाने के लिए बीजेपी ने मनोहर लाल खट्टर को मुख्‍यमंत्री बनाया जो पंजाबी हैं। जाट आंदोलन के बाद वर्ष 2019 में भी बीजेपी अपने राजनीतिक प्रयोग पर कायम है और उसने दिग्‍गज जाट नेताओं के सामने पंजाबी ब्राह्मण उम्‍मीदवारों को टिकट दिया है। रोहतक के मदीना के रहने वाले प्रताप दहिया कहते हैं, ‘जाट जाट को वोट देते हैं। मेरा पूरा गांव दीपेंदर सिंह हुड्डा को वोट देगा।’ यही भावना रोहतक में भी है जो जाट आंदोलन का गढ़ रहा था।

उधर, जींद के मोअना गांव के ग्राम पंचायत सदस्‍य बलबीर कहते हैं, ‘उन्‍होंने (जाट) 36 बिरदारी में चल रही शांति को खत्‍म कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सैनी जैसी जातियों की दुकानों को लूट लिया। यह हुड्डा की शह पर किया गया।’ हालांकि हुड्डा इन आरोपों को खारिज करते हैं। दीपेंदर कहते हैं, ‘यह जातियों के बीच बंटवारा बीजेपी ने पैदा क‍िया है। कांग्रेस इस विभाजनकारी राजनीति को मात देगी।’

वोटों में जमकर बंटवारा 
आबादी के लिहाज से काफी अधिक जाटों को सभी दल लुभाने में लगे हुए हैं। इस कड़ी में जननायक जनता पार्टी भी जुड़ गई है जो चौटाला परिवार में कलह के बाद आईएनएलडी से टूटकर बनी है। जेजेपी के दुष्‍यंत चौटाला ने आम आदमी पार्टी के साथ गठजोड़ करके मैदान में हैं और आईएनएलडी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आप हरियाणा में भले ही एक बड़ी राजनीतिक ताकत न हो लेकिन पिछले चुनाव में उसे हर सीट पर 30 से 40 हजार वोट मिले थे। इसके अलावा मायावती भी राज्‍य की राजनीति में एक ताकत हैं। बीजेपी जहां पंजाबी वोट बैंक पर अपना ध्‍यान दे रही है वहीं कुरुक्षेत्र के विद्रोही सांसद राजकुमार सैनी की लोक सुरक्षा पार्टी भगवा पार्टी के लिए संकट पैदा करने में लगी है।

माया को PM बनाना चाहता हूं, पर.: अखिलेश

मोदी के राष्‍ट्रवाद की लहर 
पूरे हरियाणा में एक मुद्दा हर जगह है, वह है राष्‍ट्रवाद का। रोहतक संसदीय क्षेत्र के सिसार खास गांव में प्रवेश करते ही दो शहीद जवानों की मूर्तियां लगी हुई हैं। इस मूर्ति के पास बैठे पीलू कहते हैं, ‘कोई और फैक्‍टर नहीं बस भारत है। यदि भारत नहीं होगा तो कल नहीं होगा। केवल शेर मोदी ही पाकिस्‍तान का मुकाबला कर सकते हैं।’ राज्‍य में मोदी की लोकप्रियकता है और ऐसी धारणा है कि केवल वही देश की रक्षा कर सकते हैं और राज्‍य में विकास ला सकते हैं।

पीएम मोदी ने आज फतेहाबाद में अपनी रैली में राष्‍ट्रवाद की इसी भावना को साधने की कोशिश की। उन्‍होंने कहा, ‘7 दशक तक देश में नैशनल वॉर मेमोरियल भी नहीं बना। अपने परिवार के तो आपने हर गली में स्मारक खड़े कर दिए लेकिन देश के मरने वालों के लिए नहीं। जो काम आपने 70 साल में नहीं किया वो हमने 5 साल में किया है। हम आए हमने वादा किया था कि वन रैंक वन पेंशन के लिए जब हमने लागू किया तो अब तक 35 हजार करोड़ रुपया सेना के परिवारों को पहुंचाया।’

मोदी को EC की क्लीन चिट, SC में सुनवाई बंद

नौकरियों पर चुनावी जंग 
कांग्रेस भले ही न्‍यूनतम आय की गारंटी वाली ‘न्‍याय योजना’ पर दांव लगा सकती है लेकिन राज्‍य की बीजेपी सरकार ने सरकारी नौकरियां देने को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है। मोअना गांव के चंद्रम कहते हैं, ‘इस सरकार ने हमारे लड़कों को नौकरी दी है। इस साल मेरिट लिस्‍ट में हमारे गांव के चार बच्‍चों के नाम थे। कांग्रेस या अन्‍य दलों ने युवाओं के लिए क्‍या किया?’ उधर, बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता हुड्डा ने सभी नौकरियां अपने क्षेत्र सोनीपत और रोहतक के लोगों को ही दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)