तिरुवनंतपुरम
इन दिनों सोशल मीडिया पर सरकारों, नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक या अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने के मामले चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसी कड़ी में केरल का नाम भी जुड़ गया है, जहां मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और एलडीएफ के दूसरे नेताओं के खिलाफ टिप्पणी के चलते करीब 138 केस दर्ज होने की बात सामने आई है। ये मामले आम नागरिकों से लेकर सरकारी कर्मचारियों तक के खिलाफ दर्ज किए गए हैं।
इस साल मध्य जनवरी तक करीब 119 केस दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसके बाद से करीब 19 मामले और दर्ज किए गए हैं। 119 में से 12 आरोपी सरकारी कर्मचारी हैं और एक केंद्र सरकार के स्टाफ में शामिल हैं। राज्य सरकार के कर्मचारी जिन्होंने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर सीएम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी, उन्हें निलंबित किया जा चुका है।
ज्यादातर मानहानि के मामले फेसबुक और वॉट्सऐप फॉरवर्ड्स को लेकर हैं जबकि कुछ केस निजी और अभद्र मेसेज पोस्ट करने को लेकर हैं। विजयन के खिलाफ पोस्ट्स में इजाफा तब हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को जाने की इजाजत दे दी।
‘योगी आदित्यनाथ की तरह बर्ताव कर रहे हैं CM‘
गौरतलब है कि यह डेटा सदन में एक सवाल के जवाब में पेश किया गया। एक बहस में हिस्सा लेते हुए सोमवार को विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने इस मुद्दे की ओर ध्यान खींचा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजयन उनकी आलोचना करने वाले मासूम लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह बर्ताव कर रहे हैं।
Dainik Aam Sabha