जगदलपुर.
बस्तर में बढ़ती गर्मी अब केवल तापमान तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों की त्वचा और सेहत पर असर दिखाने लगी है. 40 डिग्री के करीब पहुंचते पारे ने सनबर्न और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है. मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं.
डॉक्टरों के मुताबिक हर 100 मरीजों में 10 से 15 मरीज लू और गर्मी से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित हैं. सीधी धूप में निकलने वाले लोगों की त्वचा लाल और सूखी पड़ रही है. पराबैंगनी किरणों (UV Rays) के असर से त्वचा में जलन और धब्बों की शिकायतें बढ़ रही हैं. मौसम में बादल छाने के बावजूद उमस और तपिश से राहत नहीं मिल रही. बच्चों और बुजुर्गों पर गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है.
अस्पतालों में डिहाइड्रेशन के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों ने लोगों को धूप में निकलने से पहले पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है. साथ ही पानी में नमक और नींबू मिलाकर पीने और सूती कपड़े पहनने को कहा गया है. बस्तर में अब गर्मी केवल मौसम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनती नजर आ रही है.
Dainik Aam Sabha