नई दिल्ली.
एक महिला संपादक ने पूर्व विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर का समर्थन करते हुए उन्हें जेंटलमैन बताया। द संडे गार्डियन की संपादक जोयिता बसु ने अकबर के साथ लगभग 15 सालों तक काम किया। सोमवार को दिल्ली की एक अदालत में अकबर द्वारा पत्रकार प्रिया रमानी पर लगाए गए मानहानि केस में सुनवाई हुई। इस दौरान बसु ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। इस मामले में अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।
बसु उन 6 लोगों में से एक हैं, जिन्हें प्रिया रमानी मानहानि मामले में अकबर की ओर से गवाह बनाया गया है। उन्होंने एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल को बताया कि रमानी के आरोपों वाले ट्वीट्स से अकबर की प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा है। इन्हें जानबूझ कर अकबर की छवि को नुकसान पहुंचाने और समाज में अपनी साख बनाने के उद्देश्य से किया गया था।
मेरे साथ अकबर का बर्ताव कभी गलत नहीं रहा: बसु
बसु ने कोर्ट में बताया, “मैंने 15 सालों तक उनके साथ काम किया। इस दौरान मेरे साथ उनका बर्ताव कभी गलत नहीं रहा। वे सही मायने में पेशेवर व्यक्ति थे और पूरे दफ्तर में कठिन से कठिन काम करने वाले लोगों में से थे। अकबर के लिए मेरे मन में हमेशा सम्मान रहा है।”
अकबर पर 17 महिलाओं ने लगाए उत्पीड़न के आरोप
अकबर पर प्रिया समेत 17 महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। आरोपों की शुरुआत 8 अक्टूबर को प्रिया रमानी के एक ट्वीट के बाद हुई थी। 17 अक्टूबर को अकबर ने विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
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