एचडीएफसी बैंक ने मध्यप्रदेश के मांडला जिले के 5 गांवों में अपने होलिस्टिक रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम (एचआरडीपी) के सफल समापन की घोशणा की। इस अभियान द्वारा 824 घरों में पीने के लिए पेयजल एवं खेती के जल की उपलब्धता सुनिष्चित हुई तथा खेती की नई एवं बेहतर विधियों का प्रशिक्षण दिया गया।
एचआरडीपी, एचडीएफसी बैंक के सभी सामाजिक विकास कार्यक्रमों के लिए इसके अंब्रेला ब्रांड, ‘परिवर्तन’ का फ्लैगशिप सीएसआर अभियान है। यह निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में सुधार पर केंद्रित होकर गांवों का जीवन बेहतर करने का प्रयास करता है:
1. शिक्षा को बढ़ावा देना
2. कौशल प्रषिक्षण एवं आजीविका में सुधार
3. ग्रामीण विकास
4. हेल्थकेयर एवं हाईज़ीन
5. वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन
इस अद्वितीय कार्यक्रम के तहत, गांव का पूर्ण आंकलन कर इसकी विकास की जरूरतों को समझा जाता है। इन जरूरतों को सतत व प्रभावशाली तरीके से पूरा करने के लिए बैंक एनजीओ एवं स्थानीय समुदाय के साथ साझेदारी में दीर्घकालिक समाधानों का निर्माण करता है। एचआरडीपी के हितग्राहियों में छोटे किसान, युवा, भूमिहीन मज़दूर, बच्चे व महिलाएं शामिल हैं।
मांडला में अपने एचआरडीपी कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए बैंक ने वाटरषेड ऑर्गेनाईज़ेशन के साथ साझेदारी की। इस प्रोजेक्ट की षुरुआत 1 सितंबर, 2015 को हुई और इससे मध्यप्रदेश के मांडला जिले में अहमदपुर, सूरजपुरा, ठोंडा, सल्हेडांडा एवं पोंडी गांवों में परिवर्तन लाने में मदद मिली। 3522 गांववासी मुख्यतः खेती और इससे जुड़ी मौसमी मजदूरी पर निर्भर थे, जो इनकी आय का प्रमुख स्रोत थी। इस प्रोग्राम द्वारा उन्होंने आजीविका के वैकल्पिक रास्ते पाए।
गुरुवार को एक हस्तांतरण समारोह में मिस नुसरत पठान, हेड- कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी, एचडीएफसी बैंक ने यह प्रोजेक्ट सल्हेडांडा एवं ज्ञानी सिंह बरकड़े, सरपंच, ग्राम पंचायत, सल्हेडांडा और मिस कस्तूरीबाई नरवती, सरपंच, ग्राम पंचायत, अहमदपुर को वरिश्ठ सरकारी अधिकारियों एवं बैंक के कर्मचारियों की मौजूदगी में हस्तांतरित किया।