
उत्तराखंड (Uttarakhand) और जम्मू (Jammu) में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन (Land Slide) की घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गयी. जबकि केरल (Kerala), कर्नाटक (Karnataka), महाराष्ट्र (Maharashtra) और गुजरात (Gujarat) में सोमवार को भी बचाव अभियान जारी रहे. बाढ़ प्रभावित राज्यों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 173 हो गयी है.
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित राज्यों के कई इलाकों में बारिश थम गयी है, जहां 12 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और जलमग्न इलाकों से जलस्तर घटना शुरू हो गया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मानसूनी बारिश के प्रकोप के चलते केरल में सोमवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 76 हो गयी जबकि कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में अब तक 97 लोगों की मौत हुई है.
गुजरात के कच्छ (Kutch) जिले में बाढ़ में सड़क बह जाने के कारण वहां फंसे करीब 125 लोगों को वायुसेना ने निकाला जबकि कर्नाटक और महाराष्ट्र में भारी बारिश एवं भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है.
भारी बारिश और भूस्खलन से जूझ रहा उत्तराखंड
भारी बारिश और भूस्खलन से जूझ रहे पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के चमोली जिले में तीन अलग-अलग गांवों में एक महिला और नौ महीने की उसकी बेटी समेत छह लोग भूस्खलन की चपेट में आकर जिंदा दफन हो गये. चुफलागड नदी में आयी बाढ़ के तेज बहाव में इसके तट पर बनी दो इमारतें बह गयीं.
देहरादून में राज्य आपदा अभियान के अधिकारियों ने बताया कि जिले के घाट इलाके में बंजबगड, अलीगांव और लांखी गांव में तीन घरों पर भूस्खलन का मलबा गिर जाने से वहां रहने वाले लोग फंस गये. उन्होंने कहा कि छह लोगों की दम घुटने से मौत हो गयी.

जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से तीन की मौत
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में भूस्खलन के दौरान एक बड़े पत्थर के नीचे आ जाने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी. घटना जिले के महोर क्षेत्र के लार गांव में रविवार शाम को हुई, जिसमें दो लोग घायल हुए हैं. इस बीच बाढ़ प्रभावित कई राज्यों में सोमवार को कई सड़कें यातायात की आंशिक आवाजाही के लिये खोल दी गयीं, जिसमें सिर्फ जरूरी सामान से लदे ट्रकों को यातायात की मंजूरी दी गयी.
बाढ़ का पानी घटने के बाद महाराष्ट्र में कोल्हापुर के पास पिछले छह दिन से बंद मुंबई-बेंगलुरू राष्ट्रीय राजमार्ग-4 को सोमवार को यातायात के लिये आंशिक रूप से खोल दिया गया और जरूरी सामान से लदे वहां फंसे हजारों ट्रकों को आगे जाने की इजाजत दी गयी. कोल्हापुर और कर्नाटक के बेलगाम के बीच यातायात की भी मंजूरी दी गयी. बाढ़ प्रभावित राज्यों में एहतियात बरता जा रहा है क्योंकि अधिकतर नदियां उफान पर हैं और जलाशयों से पानी छोड़ा जा रहा है.

ओडिशा में फिर हो सकती है बारिश
ओडिशा मौसम विभाग केंद्र ने बताया कि राज्य में बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र बनने के चलते वहां अगले तीन दिनों में फिर से बारिश हो सकती है. पिछले सप्ताह भी राज्य में बारिश हुई थी. राज्य के दक्षिण एवं पश्चिम क्षेत्र में कम से कम नौ जिले बारिश से प्रभावित हैं.
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट से सटे उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र बनने से राज्य के अधिकतर हिस्सों में कहीं हल्की तो कहीं जोरदार बारिश हो सकती है. अगले 24 घंटे में मयूरभंज, सोनपुर, क्योंझर, बलांगीर, बरगढ़, कालाहांडी, कंधमाल, रायगड़, नयागढ़ और पुरी समेत उत्तर तटीय ओडिशा एवं राज्य के पश्चिमी तथा उत्तरी हिस्सों में जोरदार बारिश का अनुमान है. इसी तरह से भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कंधमाल, रायगड़ और कालाहांडी के अधिकतर हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है.
Dainik Aam Sabha