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डाॅ.भीमराव अम्बेडकर का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के लिए समर्पित : डाॅ. श्रीप्रकाश मिश्र


(मुकेश तिवारी)
आम सभा,ग्वालियर।

बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ ग्वालियर द्वारा आयोजित सद्भावना सम्मेलन में मातृभूमि सेवा मिशन धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के संस्थापक डा. श्रीप्रकाश मिश्र मुख्य वक्ता रहे
भारतरत्न साहब भीमराव अम्बेडकर के सामाजिक चिन्तन में अस्पृश्यों, दलितों तथा शोषित वर्गों के उत्थान के लिए काफी संभावना झलकती है। वे उनके उत्थान के माध्यम से एक ऐसा आदर्श समाज स्थापित करना चाहते थे, जिसमें समानता, स्वतंत्रता तथा भ्रातृत्व के तत्व समाज के आधारभूत सिद्धांत हों। डा. भीमराव अम्बेडकर का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के लिए समर्पित था। यह विचार मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डा. श्रीप्रकाश मिश्र ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ ग्वालियर द्वारा आयोजित सद्भावना सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, अध्यक्षता मध्यप्रदेश बीज एवं फार्म विकास निगम के अध्यक्ष मुन्ना लाल गोयल और अति विशिष्ट अतिथि मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री भारत सिंह कुशवाह रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक एवं मध्यप्रदेश बांस विकास निगम के चेयरमैन घनश्याम पुरोनिया, ग्वालियर के जिलाधिकारी अक्षय प्रताप सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश चंदेल, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन मध्यप्रदेश के संरक्षक आशीष प्रताप सिंह राठौड़ के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डा. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा डॉ. अम्बेडकर अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों पर बल देते थे। उनका मानना था कि व्यक्ति को न सिर्फ अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक होना चाहिए, अपितु उसके लिए प्रयत्नशील भी होना चाहिए, लेकिन हमें इस सत्य को नहीं भूलना चाहिए कि इन अधिकारों के साथ-साथ हमारा देश के प्रति कुछ कर्त्तव्य भी है। अधिकारों को लेकर उनके यह विचार वर्तमान समय में और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
बाबा साहेब सिर्फ अछूतों, महिलाओं के अधिकार के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज के पुनर्निर्माण के लिए भी प्रयासरत रहे। उन्होंने मजदूर वर्ग के कल्याण के लिए उल्लेखनीय कार्य किये। पहले मजदूरों से प्रतिदिन 12-14 घंटों तक काम लिया जाता था। इनके प्रयासों से प्रतिदिन आठ घंटे काम करने का नियम पारित हुआ। डा. श्रीप्रकाश ने कहा आज अगर डा. अम्बेडकर के विचारों को अमल में लायें तो समाज की ज्यादातर समस्याएँ जैसे वर्ण, जाति, लिंग, आर्थिक, राजनैतिक व धार्मिक सभी पहलुओं पर पैनी नजर रखी जा सकती है, साथ ही नव भारत निर्माण, आत्मनिर्भर भारत निर्माण एवं विकसित भारत के लिए एक नया मॉडल व डिजाइन भी तैयार किया जा सकता है। मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ ग्वालियर के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक चौधरी मुकेश मौर्य ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में मातृभूमि सेवा मिशन की मध्य प्रदेश इकाई के संयोजक अशोक शर्मा सहित पचास लोगो को समाज सेवा में विशिष्ट कार्य के लिए स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अनेक सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि सहित अनेक गणमान्य जन और ग्वालियर के प्रशानिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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