भोपाल
लगभग आधा दर्जन आवारा कुत्तों ने एक छह साल के मासूम पर हमला करके उसकी जान ले ली। बच्चे को बचाने आई मां पर भी कुत्तों ने हमला कर दिया। यह घटना शुक्रवार शाम की है जब अवधपुरी इलाके के शिव संगम नगर में बच्चा एक मैदान में खेल रहा था।
मासूम संजू का क्षत-विक्षत शव उसके घर में रात 9:30 तक ऐम्बुलेंस के इंतजार में पड़ा रहा। वहीं उसकी मां जो हाल ही में हुए ऑपरेशन से उबर रही थी, बिलखती रही। संजू पिछले महीने ही छह साल की हुआ था।
शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ
बच्चे की मौत से दुखी स्थानीय लोगों ने इस दुखद घटना के लिए भोपाल नगर निगम को दोषी ठहराया। इनमेंसे अधिकतर लोगों का कहना था कि इन्हीं कुत्तों ने उन्हें भी पिछले हफ्तों में काटा है, जिसकी शिकायत नगर निगम से की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ।
संजू के पड़ोसी रूप सिंह पाल कहते हैं, ’17 अप्रैल को सुबह 6 बजे मुझे कुत्तों ने काटा था। चार महीने पहले नगर निगम ने 3-4 कुत्तों को पकड़ कर खानापूर्ति की थी। लेकिन इस इलाके में 20 से ज्यादा खतरनाक आवारा कुत्ते हैं जो बाइक पर सवार लोगों को दौड़ाते हैं और पैदल चलने वालों को काट खाते हैं।’
संजू को बचाने गई मां पर झपटे कुत्ते
अवधपुरी के थानाध्यक्ष एमएल भाटी के मुताबिक, ‘किसी को पता नहीं था कि संजू बाहर खेलने गया है। उसकी मां सावित्री ने हाल ही में एक बेटी को जन्म दिया था, इसके फौरन बाद ऑपरेशन करके उनका गर्भाशय निकालना पड़ा। वह घर पर आराम कर रही थीं। जब उनके पति हरिनारायण जाटव काम से वापस लौटे तो संजू के बारे में पूछा। सावित्री उसे खोजने घर से बाहर निकलीं तो देखा महज 300 मीटर दूर संजू को आवारा कुत्ते नोंच रहे हैं।
सावित्री बच्चे को बचाने दौड़ीं तो कुत्तों ने उन पर भी हमला कर दिया। वह मदद के लिए वापस लौटीं। पड़ोसियों ने इकट्ठा होकर कुत्तों को भगाया लेकिन तब तक संजू बुरी तरह घायल हो चुका था। उसे बाइक पर अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संजू की मां सावित्री का रो-रोकर बुरा हाल है। वे पिछले महीने संजू का बर्थडे इसीलिए नहीं माना पाए थे क्योंकि सावित्री अस्पताल में थीं।
कुत्तों का जबर्दस्त आतंक है
स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा कुत्ते आतंक का पर्याय बन गए हैं। उन्होंने चार महीने पहले नगर पालिका में शिकायत दर्ज कराई थी। कुत्ते पकड़ने वाले आए और चार कुत्तों को पकड़कर ले गए जिन्हें कुछ दिनों बाद उन्होंने फिर कॉलोनी में ही छोड़ दिया।
बच्चा जहां खेल रहा था वहीं पास में एक नाला है जहां सुअर रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा कुत्ते इन्हीं के बच्चों को मारकर खाते रहते हैं और खतरनाक शिकारी बन गए हैं। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया की टीम ने देखा कि रात 8:30 बजे नगर निगम की टीम आकर हत्यारे कुत्तों को घेर रही थी।
Dainik Aam Sabha