इंदौर
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद कांग्रेस ताकत दिखाने के लिए आज फिर से सड़क पर उतरी है। आज शहर में न्याय यात्रा निकाली जा रही है। इसमें दिग्विजय सिंह, सज्जन सिंह वर्मा मीनाक्षी नटराजन, उमंग सिंघार सहित प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से कांग्रेस विधायकों सहित अन्य बड़े नेता पहुंचे हैं। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के इंतजार में यात्रा रूकी रही।
हाईकोर्ट के सिटिंग जज के द्वारा कराई जाए जांच
न्याय यात्रा में शामिल दिग्विजय सिंह ने भागीरथपुरा मामले की न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने कहा है कि जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज द्वारा कराई जाए। दोषी कर्मचारी, अधिकारी और राजनेता की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी भी जिम्मेदारी है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने हिंदू महा सम्मेलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस दर्दनाक घटना में हिंदू ही मारे गए हैं, तो क्या इस प्रकार का आयोजन आगे नहीं टाला जा सकता था? उन्होंने कहा कि देश में फिर से आग लगाना नहीं चाहिए।
जिला और शहर कांग्रेस दावा कर रही है कि भागीरथपुरा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग लेकर निकाली जा रही यात्रा में बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे के अनुसार सिर्फ कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं बल्कि आम लोग भी यात्रा में शामिल हो रहे हैं। बड़ा गणपति से मौन रैली के रूप में यात्रा शुरू हुई, जिसका राजवाड़ा पर देवी अहिल्या प्रतिमा पर समापन होगा। यात्रा में सबसे आगे कांग्रेस सेवा दल, महिला कांग्रेस फिर प्रदेश नेतृत्व और सबसे अंत मे शहर कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद हैं।
कांग्रेस के अनुसार सरकार और नगर निगम की लापरवाही, विफलता के बाद भी जिम्मेदार बेशर्मी से पद पर बने हुए हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही से लोगों की मौत हुई और सरकार दो लाख रुपये नागरिकों की जान की कीमत लगा रही है। न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेसियों ने हाथों में तिरंगा लेकर मंत्री व महापौर से इस्तीफे की मांग के साथ मृतकों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
Dainik Aam Sabha