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मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा कदम: महिलाओं के लिए बनेंगे वर्किंग वुमेन हॉस्टल

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ महिलाओं के सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य परिवेश को सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025 के अंतर्गत रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति कर्मचारी प्रति माह 5 हजार रुपए. की सहायता पांच वर्षों तक प्रदान की जा रही है, वहीं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए पहले पांच वर्षों में नियुक्त प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए 13 हजार रुपए की सहायता का प्रावधान किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं के लिए अधिक रोजगार अवसर सृजित करना और उन्हें सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

औद्योगिक विकास के साथ महिला सुविधाओं पर विशेष ध्यान

प्रदेश में औद्योगिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें आईटी पार्क, प्लग एण्ड प्ले पार्क, प्लेटेड इंडस्ट्रीज तथा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-नागपुर औद्योगिक कॉरिडोर के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार करते हुए प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा रहा है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ महिला कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके।

औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित होंगे आधुनिक वर्किंग वुमेन हॉस्टल

कार्यशील महिलाओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के चार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है। भारत सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस 2024-25 के अंतर्गत एमपीआईडीसी क्षेत्र में चार वर्किंग वुमेन हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 26 आवासीय ब्लॉक्स का निर्माण किया जाएगा और प्रत्येक ब्लॉक में 222 बेड्स की व्यवस्था की जाएगी।

हजारों महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित आवास

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 5700 से अधिक कार्यशील महिलाओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध होगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को रहने और आवागमन से जुड़ी कठिनाइयों से राहत मिलेगी तथा वे अधिक आत्मविश्वास और सुविधा के साथ अपने कार्यक्षेत्र में योगदान दे सकेंगी।

औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल

वर्किंग वुमेन हॉस्टल का विकास विक्रम उद्योगपुरी (उज्जैन), पीथमपुर सेक्टर-1 एवं 2 (धार), मालनपुर-घिरींगी (भिंड) और मंडीदीप (रायसेन) में किया जा रहा है। लगभग 6.66 हेक्टेयर भूमि पर इन परियोजनाओं का निर्माण करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह सुविधाएं औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और अनुकूल आवासीय वातावरण प्रदान करेंगी।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित हो रहे वर्किंग वुमेन हॉस्टल महिलाओं को सुरक्षित आवास, बेहतर जीवन सुविधा और कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा प्रदान करेंगे। इससे महिलाओं की कार्य भागीदारी बढ़ेगी, उनके आत्मनिर्भर बनने की प्रक्रिया को बल मिलेगा और औद्योगिक विकास में महिलाओं की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण होगी।