नई दिल्ली
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू सोमवार से शुरू हो रही बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में घरेलू दर्शकों के सामने अपने नए आत्मविश्वास के साथ इतिहास रचने की कोशिश करेंगी। भारत 17 साल बाद इस चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है।
सिंधू सहित भारतीय खिलाड़ी इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। सिंधू अब तक विश्व चैंपियनशिप में पांच बार पदक जीत चुकी हैं और वह रिकॉर्ड छठा पदक जीतने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं।
पीवी सिंधू का शानदार प्रदर्शन
सिंधू के अलावा चीन के लिन डैन (पांच पुरुष सिंगल्स स्वर्ण पदक) और उनकी हमवतन झाओ युनलेई (तीन मिक्स्ड डबल्स और दो महिला डबल्स खिताब) ने ही विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीते हैं। सेमीफाइनल में पहुंचने से सिंधू का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाएगा, जिससे वह चैंपियनशिप के इतिहास में छह पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएंगी।
नौवीं वरीयता प्राप्त सिंधू को अच्छा ड्रॉ मिला है। वह आयरलैंड की 141वीं रैंकिंग वाली सोफिया नोबेल के विरुद्ध अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। भारत के महिला सिंगल्स अभियान में उन्नति हुडा भी शामिल हैं जो पहली बार विश्व चैंपियनशिप में खेलेगी। उनका पहला मैच म्यांमार की थेत हतार थुजार से होगा।
सात्विक-चिराग का लक्ष्य फिर से पोडियम पर पहुंचना
पुरुष डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी का लक्ष्य फिर से पोडियम पर पहुंचना होगा। यह जोड़ी पहले ही दो बार विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी है। उन्होंने 2022 और 2025 में तीसरा स्थान हासिल किया था। उन्हें पहले दौर में बाई मिली है और वे दूसरे दौर से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।
उन्हें क्वार्टर फाइनल में चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग तथा सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के मुहम्मद फिक्री और फजर अल्फियन की जोड़ी का सामना करना पड़ सकता है लेकिन सबसे बड़ी चिंता सात्विक की कंधे की बार-बार होने वाली समस्या होगी जिसके कारण वह कुछ टूर्नामेंट में नहीं खेल पाए।
आयुष के प्रदर्शन पर भी होगी नजर
पुरुष सिंगल्स वर्ग में आयुष शेट्टी के प्रदर्शन पर भी नजर होगी। 21 वर्षीय आयुष का पहला मुकाबला मौजूदा चैंपियन और विश्व में नंबर एक शी यु ची से होगा। आयुष को चीनी खिलाड़ी से अपने पिछले तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। 14वीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन आस्ट्रिया के कोलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन के विरुद्ध अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने 2021 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। वह अपने इस प्रदर्शन को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।
पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन का बयान
जापान ओपन जीतने से मिला आत्मविश्वास बरकरार रहेगा और मैं यहां अच्छा प्रदर्शन करूंगी। मुझे भारतीय दर्शकों से भरपूर समर्थन की उम्मीद है और आशा है कि मैं यहां पदक जीतूंगी।- पीवी सिंधू
मैं टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। अभी हर दौर मुश्किल है, इसलिए मुझे एक समय में एक मैच पर ध्यान देना होगा। मेरा लक्ष्य टूर्नामेंट में गहराई तक जाना है।- लक्ष्य सेन
Dainik Aam Sabha