अंतरिम बजट 2019 में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वाले करदाताओं को टैक्स में पूरी छूट दे दी है। अब उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा जिन लोगों की आमदनी 6.50 लाख रुपये तक है, वह भी टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। आइए जानते हैं सरकार ने टैक्सपेयर्स को बजट में कहां-कहां छूट दी है।
यहां उठा सकते हैं फायदा
टैक्सपेयर्स को दी छूट
6.50 लाख रुपये आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा अगर वह अगर वह भविष्य निधि, विशेष बचतों, बीमा, एलाईसी आदि में निवेश करते हैं। इसके अलावा बजट 2019 में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वाले करदाताओं को टैक्स में छूट दी है। इससे छोटे व्यापारी, वेतनभोगी, पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों सहित मध्यम वर्ग के करीब 3 करोड़ टैक्सपेयर्स को 18,500 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।
स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि
वित्त् मंत्री ने कहा कि वेतनभोगियों के लिए मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) को 40,000 रूपये से बढ़ाकर 50,000 रूपये कर दिया है। उन्होंटने कहा कि इससे 3 करोड़ वेतनभोगियों और पेंशनधारकों को 4,700 करोड़ रूपये का अतिरिक्तड टैक्स बेनिफिट मिलेगा।
ब्याज पर टैक्स नहीं..
बैंक और डाकघर में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस सीमा को 10,000 रूपये से बढ़ाकर 40,000 रूपये कर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे छोटे बचतकर्ताओं और गैर-कामकाजी लोगों को फायदा मिलेगा।
टीडीएस की सीमा बढ़ाई
छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए किराये पर टैक्स कटौती के लिए टीडीएस सीमा को 1,80,000 रूपये से बढ़ाकर 2,40,000 रूपये कर दिया है।
आवासीय घरों को अधिक राहत
अपने कब्ज़े वाले दूसरे मकान के अनुमानित किराये पर लगने वाले आयकर के शुल्क में छूट दी है। अभी अगर किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक अपने घर हैं तो उसे अनुमानित किराये पर इनकम टैक्स देना होता है।
Dainik Aam Sabha