मुंबई
अभिषेक शर्मा की खराब फार्म को लेकर जताई जा रही चिंता अब खुलकर आलोचना में बदल गई है। इसके बावजूद पूरी संभावना है कि वह टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को होने वाले फाइनल में अंतिम एकादश बने रहेंगे क्योंकि भारत जीत हासिल करने वाली अपनी टीम में बदलाव नहीं करना चाहता है।
इस टूर्नामेंट में भारत के दो सलामी बल्लेबाजों की किस्मत एकदम से विपरीत रही। जब प्रतियोगिता शुरू हुई तो अभिषेक को शीर्ष क्रम में मजबूत आधार माना जा रहा था जबकि संजू सैमसन के स्थान को लेकर सवाल बने हुए थे और कहा जा रहा था कि यह प्रतियोगिता उनके करियर के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर आठ के करो या मरो वाले मुकाबले ने परिस्थितियों में काफी बदलाव कर दिया है। सैमसन ने पिछले दो मैच में शानदार प्रदर्शन किया जिससे अब सभी का ध्यान अभिषेक की फॉर्म पर केंद्रित हो गया है।
इस बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज को पूरे टूर्नामेंट में लय हासिल करने में काफी संघर्ष करना पड़ा है। अपने पिछले छह मैचों में उन्होंने क्रमशः 0, 0, 0, 15, 10 और 9 रन बनाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक को छोड़कर उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन फाइनल मुकाबले के लिए शीर्ष क्रम में कोई बदलाव नहीं करना चाहता है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद अभिषेक के सलामी जोड़ीदार सैमसन ने कहा, ‘हम अपने सभी खिलाड़ियों का ध्यान रख रहे हैं। जीजी (मुख्य कोच गौतम गंभीर) भाई और सूर्या (कप्तान सूर्यकुमार यादव) को अभिषेक पर पूरा भरोसा है।’
मुंबई में पहले लीग मैच के बाद अभिषेक के पेट में संक्रमण हो गया था जिसके लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। इससे उनका वजन कम हो गया और प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण चरण के दौरान उनकी लय बिगड़ गई। यही नहीं विरोधी टीमों ने उसे शांत रखने का स्पष्ट तरीका ढूंढ लिया है।
कप्तानों ने बार-बार उनके खिलाफ शुरुआती ओवरों में धीमी गति के गेंदबाजों का इस्तेमाल किया है, विशेषकर ऑफ स्पिनरों और बाएं हाथ के स्पिनरों का। इससे उन्हें पारी की शुरुआत में वह गति नहीं मिल पाती जिसके साथ वे खेलना पसंद करते हैं। इस कारण वह जल्द ही पवेलियन लौटते रहे हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ पावरप्ले में उन्होंने ऑफ स्पिनर पर आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में गेंद को हवा में लहरा दिया। नीदरलैंड के खिलाफ ऑफ स्पिनर ने उन्हें कोण लेती गेंद पर आउट किया। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी धीमी गेंद पर शॉट खेलने की कोशिश में वह फिर से जल्दबाजी कर बैठे और मनचाहा शॉट नहीं लगा पाए। एक और तकनीकी पहलू उनके बल्ले के डाउनस्विंग की गति है। जब गेंद तेजी ये आती है तो तेज डाउनस्विंग के कारण उन्हें धीमी गेंदों से तालमेल बिठाने में मुश्किल हो सकती है।
भारत के पास रिंकू सिंह को टीम में शामिल करने का विकल्प है लेकिन इससे बल्लेबाजी संयोजन पर असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में रिंकू को सातवें या आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करनी पड़ सकती है और तब वह अच्छा प्रभाव छोड़ पाएंगे इसकी संभावना कम है। फिलहाल भारतीय टीम प्रबंधन उस भी संयोजन को बरकरार रखने के लिए तैयार दिख रहा है जिसने उसे फाइनल में पहुंचाया।
Dainik Aam Sabha