लंदन
एटलेटिको मैड्रिड का पहली बार यूएफा चैंपियंस लीग खिताब जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया। मंगलवार रात लंदन के एनफील्ड एरिना में खेले गए सेमीफाइनल के दूसरे लेग में आर्सेनल ने बुकायो साका के गोल से एटलेटिको पर 1-0 की जीत दर्ज की और कुल 2-1 से फाइनल में जगह बना ली।
इसके साथ ही आर्सेनल ने 20 साल बाद चैंपियंस लीग फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि मैच के बाद चर्चा आर्सेनल की जीत से ज्यादा उन विवादित पेनाल्टी निर्णयों की रही, जो एटलेटिको के विरुद्ध गए। आर्सेनल के लिए बुकायो साका के पहले हाफ के अंतिम मिनट में गोल दागा, जो मैच का एकमात्र गोल था।
45वें मिनट में लिएंड्रो ट्रोसार्ड के शाट को जान ओब्लाक ने बचा लिया, जिसके बाद साका ने रिबाउंड पर गोल दागकर आर्सेनल को बढ़त दिला दी। बढ़त हासिल करने के बाद आर्सेनल की रक्षापंक्ति ने उसे बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं डिएगो सिमोन की टीम एटलेटिको मैड्रिड ने शुरुआत से आक्रामक खेल खेला, लेकिन दूसरे हाफ में दो अहम मौकों पर रेफरी के फैसले उसके विरुद्ध चले गए। 51वें मिनट में एटलेटिको के युवा विंगर गुइलियानो सिमोने पेनाल्टी बाक्स के अंदर गिर पड़े।
उन्होंने आर्सेनल के गोलकीपर डेविड राया को पार कर लिया था और शाट लेने ही वाले थे कि पीछे से डिफेंडर गैब्रियल मैगलहेस ने उन्हें चुनौती दी। सिमोने ने तुरंत पेनाल्टी की मांग की, लेकिन जर्मन रेफरी डेनियल सीबर्ट ने खेल जारी रखा। वीडियो रिव्यू जांच के बाद भी फैसला नहीं बदला गया। इसके सिर्फ पांच मिनट बाद एटलेटिको को एक और झटका लगा।
फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर एंटोइन ग्रीजमैन पेनाल्टी बाक्स में आर्सेनल डिफेंडर रिकार्डो कालाफियोरी के संपर्क में आने के बाद गिर पड़े। रीप्ले में ग्रीजमैन के पैर पर स्टड पड़ता साफ दिखाई दिया, लेकिन रेफरी ने इससे पहले एटलेटिको खिलाड़ी मार्क प्यूबिल द्वारा गैब्रियल पर फाउल मानते हुए पेनाल्टी नहीं दी।
एटलेटिको के कोच डिएगो सिमोने ने सीधे तौर पर रेफरी की आलोचना करने से बचते हुए कहा, अब कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। हम बाहर हो गए हैं और आर्सेनल को बधाई देनी होगी। लेकिन कुछ फैसले ऐसे थे जिन्हें सभी ने देखा।
पहले चरण में भी दोनों टीमों ने पेनाल्टी फैसलों को लेकर शिकायत की थी। उस मुकाबले में दोनों टीमों ने एक-एक पेनाल्टी गोल किया था और मैच 1-1 से बराबरी पर समाप्त हुआ था। मैच समाप्त होने के बाद एटलेटिको के खिलाडि़यों और कोचिंग स्टाफ ने दर्शकों का अभिवादन किया।
हालांकि हार के साथ एक बार फिर चैंपियंस लीग का उनका सपना टूट गया, जबकि आर्सेनल अब दो दशक बाद यूरोप की सबसे बड़ी क्लब प्रतियोगिता के फाइनल में खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है।
आर्सेनल ने अब तक तीनों नाकआउट राउंड में अपने घरेलू मैदान पर एक भी गोल नहीं खाया है। टीम ने लीग चरण में अपने सभी आठ मैच जीतकर प्रतियोगिता में सबसे कम चार गोल खाए थे।
Dainik Aam Sabha