जम्मू कश्मीर
माता वैष्णो देवी को आदिशक्ति मां दुर्गा का एक प्रमुख स्वरूप माना जाता है। उनका प्राचीन मंदिर त्रिकुटा पर्वत की प्राकृतिक गुफा में स्थित है और हर साल बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने के लिए जम्मू कश्मीर आते हैं। मंदिर के भवन, गर्भगृह और पवित्र गुफा में फोटो और वीडियो बनाने की मनाही है। बावजूद इसके, कई लोग नियम तोड़कर वीडियो बनाने की कोशिश करते हैं। हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर युवती ने हिडन कैमरे का इस्तेमाल कर मंदिर के भवन की वीडियो बनाई और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) के सुरक्षा स्टाफ ने नया निर्देश जारी किया है।
नियम तोड़ने पर कड़ी सजा
सूत्रों के अनुसार, पुलिस और श्राइन बोर्ड का सुरक्षा स्टाफ मंदिर में तीन-परत सुरक्षा जांच कर रहा है। अगर कोई श्रद्धालु गुप्त कैमरा या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ मंदिर में पाया जाता है, तो उसे कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, कटरा से लेकर मंदिर तक हर श्रद्धालु की बारीकी से जांच की जाएगी।
मंदिर में वीडियो क्यों नहीं बन सकता?
मंदिर प्रशासन के मुताबिक, फोटो और वीडियो पर प्रतिबंध मंदिर की सुरक्षा, मर्यादा और श्रद्धालुओं की प्राइवेसी को ध्यान में रखकर लगाया गया है। यहां तक कि वीआईपी और वीवीआईपी श्रद्धालुओं को भी भवन के अंदर वीडियो या फोटो बनाने की अनुमति नहीं है।
युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज
पिछले हफ्ते, व्यूज के लालच में एक कंटेंट क्रिएटर युवती ने अपने चश्मे में हिडन कैमरे से मंदिर के भवन की वीडियो बनाई और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद SMVDSB ने पुलिस में युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। श्राइन बोर्ड और पुलिस अब लोगों को साफ चेतावनी दे रहे हैं कि मंदिर में नियम तोड़ना भारी पड़ सकता है। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा का सम्मान करें और फोटो या वीडियो बनाने से बचें।
Dainik Aam Sabha