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सैटअप परिवर्तन के विरोध में शिक्षकों का नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन

आम सभा, सिरोही।

राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के मुख्य महामंत्री धर्मेेन्द्र गहलोत एवं वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ हनवंत सिंह मेडतिया के नेतृत्व में शिक्षकों ने रैली के रूप में नारेबाजी के साथ जोरदार विरोध प्रदर्शन कर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं शिक्षा मंत्री डाॅ.बी.डी.कल्ला के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर डॉ भंवरलाल को दिया।
शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के प्रदेश मीडिया प्रभारी गुरुदीन वर्मा के अनुसार संगठन के जिलामंत्री इनामुल हक कुरैशी के अनुसार मुख्य महामंत्री धर्मेंद्र गहलोत ने ज्ञापन में बताया कि तत्कालीन भाजपा सरकार की तर्ज पर पंचायतीराज एवं प्रारम्भिक शिक्षा के शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा में 6(3) के माध्यम से सैटअप परिवर्तन के तहत बिना सहमति/विकल्प के आधार पर पदस्थापन/काउन्सलिंग करने के निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर के 11 मई 2023 के आदेश पर अविलम्ब रोक लगाकर विकल्प के आधार पर इच्छुक शिक्षक की ही काउन्सलिंग करवाने की मांग की हैं।
ज्ञापन में निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर के पत्रांक शिविरा/माध्य/संस्था/एफ-1ए/6डी/सैट अप परिवर्तन/2021 दिनांक 11.5.2023 के द्वारा पंचायतीराज एवं प्रारम्भिक शिक्षा के शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा में पद विरूद्ध/अधिशेष/राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधिनस्थ) सेवा नियम, 2021 के नियम 6(3) सैट अप परिवर्तन के कार्मिकों के समायोजन/पदस्थापन के संदर्भ में विभागीय स्तर पर आदेश जारी होते ही शिक्षकों में भारी असंतोष व्याप्त हो रहा हैं। ज्ञात रहे तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा जबरन बिना सहमति/विकल्प के आधार पर हजारों शिक्षकों का सैट अप परिवर्तन कर माध्यमिक शिक्षा में पदस्थापन कर प्रताडित किया जिसके परिणाम स्वरूप भाजपा को सत्ता से घर वापसी होने का प्रमुख कारण रही थी। इसके बाद अशोक गहलोत के नेतृत्व में संवेदनशील सरकार ने सैटअप परिवर्तन पर पूर्णतया ब्रैक लगाकर 4 वर्ष तक शिक्षकों को प्रताडित होने से निजात दिलाई। लेकिन बडा दुर्भाग्य हैं कि आगामी विधान सभा चुनावों से ठीक पहले शिक्षा विभाग द्वारा सैट अप परिवर्तन का आदेश सरकार के प्रति शिक्षकों में रोष पनपाने जैसा साबित हो रहा हैं। सरकार को चाहिए कि तत्काल इस प्रक्रिया रोक लगाकर सहमति अथवा विकल्प के आधार पर ही प्रारम्भिक शिक्षा के शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा में समायोजन/पदस्थापन हेतु काउन्सलिंग करवाकर पदस्थापन करवाया जाए अन्यथा तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा शिक्षकों को प्रताडित करने के इस हथकण्डे से भाजपा सरकार को भारी विरोध झेलना पडा था जो भाजपा सरकार की विदाई का कारण बना था। राज्य सरकार द्वारा घोषित ग्रीष्मावकाश के दौरान शिक्षक मुख्यावास से दूरस्थ होने व अपने-अपने मूल निवास पर होने से इस तरह की काउन्सलिंग से शिक्षकों में राज्य सरकार के प्रति भारी विरोध की स्थिति उत्पन्न हो रही हैं।
मुख्य महामंत्री गहलोत ने कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा बिना सहमति/विकल्प के आधार पर पंचायतीराज एवं प्रारम्भिक शिक्षा के शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा में 6(डी) के माध्यम से सैटअप परिवतर्न करने से हजारों शिक्षक प्रताडित हुए थे । संगठन द्वारा 6 (डी) के विरोध में राज्य भर में व्यापक स्तर पर आन्दोलन एवं विरोध झेलना पडा था। सरकार को चाहिए कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर के 11 मई 2023 के आदेश पर अविलम्ब रोक लगाकर विकल्प के आधार पर इच्छुक शिक्षक की ही काउन्सलिंग करवाकर शिक्षकों में पनप रहे आक्रोश पर विराम लगाने की मांग की हैं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष देवेश कुमार खत्री, सिरोही उपशाखा अध्यक्ष इंदर मल खंडेलवाल, पिंडवाड़ा उपशाखा अध्यक्ष मनोहर सिंह चौहान, आबूरोड उपशाखा अध्यक्ष सत्यनारायण बैरवा, किशोर कुमार, सत्येन्द्र सिंह राठौड़, गुरूदीन वर्मा, धर्मेंद्र खत्री, नवनीत माथुर, सविता शर्मा, ओमजी लाल शर्मा, कांतिलाल मीणा, अमित मालवीय, जितेंद्र परिहार, अशोक मालवीय, कृष्ण कुमार, गोपाल सुथार, दिनेश मीणा, गोपाल रावल, तेज सिंह, सुरेश कुमार, वरुण खत्री, किरण कुंवर, शाईस्ता परवीन, विनोद कुमार सुथार, जयेश सुथार सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।

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