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भगवान झूलेलाल चालीसा के शुभारंभ पर आरती कर हवा में गुब्बारे छोड़ कर अच्छी बरसात एंव कोरोना मुक्ति की प्रार्थना

– सिंधी समाज के सबसे बड़े पर्व भगवान झूलेलाल चालीसा का आरती कर हवा में गुब्बारे छोड़ हुआ शुभारंभ

– जल के देवता भगवान झूलेलाल जी की भोपाल के बड़े तालाब पर की आरती

– सिंधी समाज 40 दिन उपवास कर भगवान झूलेलाल जी से करेगा देश में खुशहाली की प्रार्थना

आम सभा, भोपाल : सिंधी समाज के सबसे बड़े पर्व भगवान झूलेलाल चालीसा के शुभारंभ के अवसर पर भोपाल की बड़े तालाब, शीतल दास की बगिया पर सिन्धु सेना द्वारा भगवान झूलेलाल जी की आरती कर हवा में गुब्बारे छोड़ कोरोनावायरस से मुक्ति एंव अच्छी बरसात एवं देश में खुशहाली एवं समृद्धि की प्रार्थना की, इस अवसर पर सिन्धु सेना अध्यक्ष राकेश कुकरेजा ने कहा सिंधी समाज चालीस दिन तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना करता है एवं इष्टदेव झूलेलाल जी के इस पर्व में जल की आराधना की जाती है। यह सिंधी समुदाय का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों भगवान झूलेलाल वरुणदेव का अवतरण करके अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं।

इस अवसर पर सुमित आहूजा ने चालीसा का महत्त्व बताते हुए कहा सिंधी समाज के लोगों भगवान झूलेलाल का अवतार की कथा बताते है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मिखर शाह नाम का एक शहंशाह हुआ करता था। सिंध प्रांत के लोग वरूण देव के रूप में जल की पूजा-अर्चना करते थे।
वे ङ्क्षसधु नदी का पूजन करते थे। यहां के राजा द्वारा धर्म परिवर्तन तलबार की डर पर किया जाने लगा। तभी ङ्क्षसधी समाज के धर्मात्माओं ने शहंशाह से ऐसा करने से मना किया। तब शहंशाह ने कहाकि तुम किस की पूजा करते हो, जिसको पूजते हो उसक प्रमाण भी दीजिए या फिर मेरा धर्म अपनाओ। इस पर उन महात्माओं ने आराधना शुरू की और आराधना के चालीस वें दिन आकाश वाणी के माध्यम से भगवान वरूण देव के अवतार के बारे में बताया गया गया। जब उनका जन्म हुआ तब पालना झूलाते समय मोहक रूप देख महिलाएं लाल..झूलेलाल के नाम से पुकारने लगी। इसके बाद भगवान झूलेलाल ने शहंशाह को सबक सिखाने के लिए उसका महल पानी में डुबो दिया था। झूलेलाल उत्सव में इस तरह की कथा श्रद्धालुओं को सुनाई जाती है। इस तरह भगवान झूलेलाल का चालीसा महोत्सव मनाया जाता है।

इस अवसर पर भगवान झूलेलाल जी के वेशभूषा में आशीर्वाद देने हेतु श्री जगवानी एवं अनिल थारवानी, दर्शन कुकरेजा, राम भाई, रीटा बजाज ,वंदना उधवानी, माया वाधवानी, राकेश कृपलानी, विकास वाधवानी, राजेश पंजवानी, मनीष राम नानी, विक्की सदाना, अजय वाधवानी ,राजेश पेसवानी, करण लखानी, रवि बजाज उपस्थित थे।

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